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गाजियाबाद में अपराध पर कड़ा प्रहार की तैयारी, पुलिस कमिश्नरेट की उच्चस्तरीय बैठक में सख्त निर्देश
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी
गाजियाबाद, 22 अप्रैल । जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर मंगलवार को एक अहम समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित परमजीत हॉल में हुई इस बैठक में पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न अभियानों, लंबित मामलों और तकनीकी संसाधनों के उपयोग की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अपराध पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत कठोर और परिणामोन्मुख कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सभी जोनल डीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी, महिला अपराध शाखा और अभिसूचना इकाइयों के अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन में मालों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी मामलों में पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
ऑपरेशन प्रहार पर फोकस, नशा और हथियार तस्करों पर शिकंजा कसने के निर्देश
अवैध नशे और शस्त्र तस्करी के खिलाफ चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। संगठित अपराधियों के नेटवर्क को चिन्हित कर उनके विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की रणनीति तैयार करने पर बल दिया गया।
दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर जोर, विवेचना की गुणवत्ता पर उठे सवाल
“ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत लंबित मामलों में साक्ष्यों की समय पर न्यायालय में प्रस्तुति और विवेचना की गुणवत्ता सुधारने को प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गंभीर अपराधों में मजबूत पैरवी सुनिश्चित कर दोषसिद्धि दर बढ़ाई जाए, जिससे अपराधियों में कानून का भय कायम हो।
यक्ष ऐप बना निगरानी का नया हथियार
बैठक में “यक्ष ऐप” को अपराधियों की पहचान, सत्यापन और जियो-टैगिंग के लिए अत्यंत प्रभावी उपकरण बताते हुए इसके अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए गए। पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से इसकी प्रगति और चुनौतियों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि तकनीक का अधिकतम लाभ उठाकर अपराध नियंत्रण को और सटीक बनाया जाए।
बीट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश, जनता से संवाद बढ़ाने पर जोर
पुलिस आयुक्त ने बीट प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश देते हुए बीट उपनिरीक्षकों को नियमित गश्त, हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और स्थानीय नागरिकों से संवाद बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर सक्रियता ही अपराध पर अंकुश लगाने की सबसे प्रभावी रणनीति है।
महिला सुरक्षा पर सख्ती, मिशन शक्ति की समीक्षा
“मिशन शक्ति” अभियान की समीक्षा करते हुए महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा समाज के विभिन्न वर्गों के साथ समन्वय बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।
लंबित मामलों के निस्तारण पर सख्त रुख
सीसीएमएस पोर्टल के आधार पर बीएनएसएस की धाराओं के तहत कार्रवाई, लंबित विवेचनाएं, वाहन चोरी के मामलों और पिछले दो वर्षों के अपराध आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि लंबित मामलों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए।
“अपराधमुक्त और सुरक्षित गाजियाबाद” लक्ष्य
बैठक के अंत में पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस समीक्षा का उद्देश्य गाजियाबाद को अधिक सुरक्षित, अपराधमुक्त और नागरिक-अनुकूल बनाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि परिणाम दिखने चाहिए—अपराध में कमी, त्वरित कार्रवाई और जनता का विश्वास ही पुलिस की असली कसौटी है।
