
जन वाणी न्यूज़
गाजियाबाद में बड़ी कार्रवाई: ओमकार अपहरण-हत्याकांड का आखिरी मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार
महापंचायत के ऐलान के बीच लोनी पुलिस की बड़ी सफलता, 50 हजार का इनामी गौरव नागर दोनों पैरों में गोली लगने के बाद दबोचा गया
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता
गाजियाबाद , 13 जून। लोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत गनौली गांव के चर्चित ओमकार अपहरण एवं हत्याकांड में शनिवार देर रात उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब पीड़ित परिवार और ग्रामीणों द्वारा महापंचायत बुलाने के ऐलान के बीच लोनी पुलिस ने मामले के आखिरी मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश गौरव नागर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है और उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
यह वही मामला है जिसने पिछले कई दिनों से लोनी क्षेत्र के साथ-साथ पूरे गाजियाबाद में भारी जनाक्रोश पैदा कर रखा था। ओमकार के अपहरण और बाद में हत्या के खुलासे के बाद ग्रामीण लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। हाल ही में धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम और महापंचायत की तैयारियों ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया था।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
पुलिस के अनुसार शनिवार को थाना लोनी पुलिस को सूचना मिली कि ओमकार अपहरण कांड का वांछित आरोपी गौरव नागर बंथला से चिरोड़ी की ओर आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बंथला-चिरोड़ी मार्ग पर नहर के पास वाहन चेकिंग शुरू कर दी।
इसी दौरान एक सफेद स्विफ्ट कार आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रुकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और तेजी से भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने पीछा किया तो कार सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई।
पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में घायल
पुलिस का दावा है कि कार रुकने के बाद आरोपी गौरव नागर वाहन से उतरकर भागने लगा और पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी और वह मौके पर ही दबोच लिया गया।
घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक 32 बोर की पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार बरामद की है।
पूछताछ में कबूला ओमकार की हत्या में शामिल होने का आरोप
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम गौरव नागर पुत्र गजराज, निवासी बादलपुर, गौतमबुद्ध नगर बताया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर गनौली निवासी ओमकार का अपहरण किया था और बाद में उसकी हत्या कर शव मेरठ रोड स्थित गंगानगर क्षेत्र में फेंक दिया था।
इस मामले में थाना लोनी पर पहले से मुकदमा दर्ज है और पुलिस अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी कार्रवाई कर चुकी है। गौरव नागर को इस कांड का प्रमुख और अंतिम मुख्य आरोपी माना जा रहा था, जिसकी गिरफ्तारी का ग्रामीण लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
आंदोलन और महापंचायत के बीच आई बड़ी खबर
ओमकार हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में लगातार आक्रोश बना हुआ था। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का आरोप था कि मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इसी को लेकर महापंचायत बुलाने की घोषणा की गई थी। ऐसे माहौल में गौरव नागर की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
हालांकि, ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की ओर से पहले भी यह मांग उठाई जाती रही है कि मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और पूरे षड्यंत्र की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
आधा दर्जन मुकदमों का आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गौरव नागर के खिलाफ एनसीआर क्षेत्र में करीब आधा दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और इस हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
