
जन वाणी न्यूज़
50 हजार का इनामी गौरव मुठभेड़ में गिरफ्तार: ओमकार हत्याकांड में लोनी पुलिस को बड़ी सफलता, अब पूरे नेटवर्क पर शिकंजा
शनिवार देर रात निठौरा अंडरपास के पास हुई मुठभेड़, दोनों पैरों में गोली लगने के बाद दबोचा गया आरोपी
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता
गाजियाबाद। लोनी के बहुचर्चित ओमकार अपहरण एवं हत्या कांड में लोनी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार देर रात थाना लोनी पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी गौरव पुत्र विजेंद्र निवासी गनौली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार जवाबी कार्रवाई में गौरव के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस अब तक इस मामले में दो 50 हजार रुपये के इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को 50 हजार के इनामी मोहित पंडित पुत्र मुकुट को गिरफ्तार किया गया था। दोनों गिरफ्तारियां इस हत्याकांड की जांच में अहम मानी जा रही हैं।
जिस मामले ने पूरे लोनी को झकझोर दिया
30 मई की सुबह गनौली गांव निवासी डेयरी संचालक ओमकार को खड़खड़ी अंडरपास के पास गोली मारकर कार में डालकर ले जाया गया था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव की पुरानी रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया।
घटना के बाद पुलिस पर भारी दबाव बना। ग्रामीणों और परिजनों ने कई बार बंथला-चिरौड़ी मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी को भी हटाया गया और कई पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गईं।
मोहित की गिरफ्तारी के बाद खुलने लगी थीं परतें
शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए 50 हजार के इनामी मोहित पंडित से पूछताछ के बाद पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। सूत्रों के अनुसार उसी पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में सफल हुई।
अब शनिवार रात गौरव की गिरफ्तारी ने जांच को और मजबूत कर दिया है। पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी।
पंचायत की रंजिश से शुरू हुई खूनी कहानी?
जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार गांव में हुई एक पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। इसी घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि पुरानी रंजिश और पंचायत में हुए विवाद ने इस वारदात की पृष्ठभूमि तैयार की।
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में कथित रूप से बताया है कि पंचायत में हुए अपमान और विवाद को लेकर उनके मन में बदले की भावना थी। हालांकि पुलिस अभी इन बयानों का अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है।
हत्या का दावा, शव की तलाश जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया है कि ओमकार की हत्या कर शव को गंग नहर क्षेत्र में फेंक दिया गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस और अन्य एजेंसियां संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चला रही हैं।
हालांकि इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अभी भी शव की बरामदगी है। जब तक शव बरामद नहीं होता, तब तक कई सवालों के जवाब अधूरे रहेंगे।
पुलिस के सामने अब भी बड़ी चुनौती
गौरव की गिरफ्तारी निश्चित रूप से पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन जांच अभी पूरी नहीं हुई है। कुछ आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
दूसरी ओर ओमकार का परिवार पिछले कई दिनों से न्याय की मांग को लेकर आंदोलनरत है। परिजनों का कहना है कि उन्हें तब तक चैन नहीं मिलेगा जब तक ओमकार की अंतिम सच्चाई सामने नहीं आ जाती और सभी आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाते।
निष्कर्ष
गनौली गांव की एक पंचायत से शुरू हुआ विवाद अब प्रदेश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में बदल चुका है। शुक्रवार को 50 हजार के इनामी मोहित पंडित और शनिवार देर रात 50 हजार के इनामी गौरव की गिरफ्तारी ने पुलिस को बड़ी बढ़त दिलाई है, लेकिन ओमकार के शव की बरामदगी, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे षड्यंत्र का खुलासा अभी बाकी है। लोनी की जनता अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि इस पूरे हत्याकांड के अंतिम सच का इंतजार कर रही है।