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गनौली अपहरण कांड में बड़ा खुलासा: 50 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में सामने आई रंजिश और साजिश की कहानी
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता
गाजियाबाद । कमिश्नरेट के लोनी क्षेत्र में चर्चित डेयरी संचालक ओमकार अपहरण कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना लोनी पुलिस ने मामले में 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोहित पुत्र मुकुट पंडित निवासी ग्राम गनौली को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने पूरे घटनाक्रम को और अधिक गंभीर बना दिया है।
पुलिस के अनुसार 30 मई 2026 को ग्राम खड़खड़ी अंडरपास के पास ओमकार को गोली मारकर कार में जबरन डालकर अपहरण किया गया था। इस मामले में थाना लोनी पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश था और कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन, जाम और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली।
पंचायत की बेइज्जती बनी खूनी साजिश की वजह
गिरफ्तार आरोपी मोहित ने पूछताछ में बताया कि 20 मई को एक विवाद के दौरान देवांश की गाड़ी का पीछा करने को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद गांव में पंचायत बैठी, जिसमें ओमकार और उसके साथियों द्वारा विरोधी पक्ष की बेइज्जती की गई। इसी अपमान का बदला लेने के लिए आरोपियों ने योजना बनाई।
पूछताछ के अनुसार आरोपी गौरव, सौरभ उर्फ भोला, गोपाल और मोहित ने मिलकर साजिश रची। आरोप है कि घटना वाली रात आरोपी हथियार लेकर निकले और रास्ते में ओमकार को घेर लिया। पहले गोली मारी गई, फिर घायल अवस्था में कार में डालकर ले जाया गया।
पुलिस के दावे और कई सवाल
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई गई। हालांकि अब भी सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि अपहृत ओमकार कहां है और उसकी स्थिति क्या है।
क्षेत्र में लगातार यह चर्चा बनी हुई है कि यदि पुलिस पहले ही सक्रियता दिखाती तो मामला इतना न बढ़ता। ग्रामीणों का आरोप है कि शुरुआती घंटों में कार्रवाई की गति धीमी रही, जिसके कारण आरोपियों को भागने का मौका मिला।
गांव में दहशत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद गनौली और आसपास के गांवों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। ओमकार के परिजनों की हालत लगातार खराब बताई जा रही है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, परिवार की चिंता और गुस्सा दोनों बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीण लगातार पुलिस से ओमकार की सकुशल बरामदगी और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की चुनौती अब भी बाकी
हालांकि पुलिस ने एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर अपनी कार्रवाई तेज होने का संदेश दिया है, लेकिन इस मामले में अभी कई आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपहृत ओमकार की बरामदगी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है।
यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि गांव की रंजिश, पंचायत की राजनीति और कानून-व्यवस्था की परीक्षा बन चुका है। पूरे क्षेत्र की नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
