ओमकार कांड के धरने में हंगामे का आरोप: मुखिया गुर्जर पर गंभीर धाराओं में मुकदमा, लोगों को भड़काने का आरोप

0
2
Oplus_131072

जन वाणी न्यूज़

ओमकार कांड के धरने में हंगामे का आरोप: मुखिया गुर्जर पर गंभीर धाराओं में मुकदमा, लोगों को भड़काने का आरोप

पुलिस का दावा—सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के लिए उकसाया, 4-5 अज्ञात साथियों को भी बनाया आरोपी

रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता

गाजियाबाद । लोनी के बहुचर्चित ओमकार अपहरण-हत्या प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच एक नया और विवादित मोड़ सामने आया है। लोनी पुलिस ने चिरौड़ी मार्ग पर हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से भीड़ को भड़काने, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए लोगों को उकसाने के आरोप में मुखिया गुर्जर और उसके 4-5 अज्ञात साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस की इस कार्रवाई ने क्षेत्र में नई राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर पुलिस इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर आंदोलन से जुड़े लोग इसे जनआंदोलन को दबाने की कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं।

धरना स्थल पर पहुंचकर भीड़ को उकसाने का आरोप

लोनी थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार 3 जून 2026 को गनौली निवासी डेयरी संचालक ओमकार के अपहरण-हत्या प्रकरण को लेकर चिरौड़ी मार्ग पर परिजन और ग्रामीण धरना दे रहे थे। वादी सुरेंद्र पुत्र राममेहर अपने परिजनों के साथ ओमकार को न्याय दिलाने और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

पुलिस का आरोप है कि दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली के दल्लूपुरा निवासी मुखिया गुर्जर अपने 4-5 साथियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचा और वहां मौजूद लोगों को उकसाना शुरू कर दिया। एफआईआर के मुताबिक उसने भीड़ को एकत्र कर सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ करने तथा पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने के लिए भड़काया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सरकारी कार्य में बाधा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप

पुलिस के अनुसार धरना स्थल पर पहले से मौजूद अधिकारी और पुलिसकर्मी लोगों को समझाने और यातायात व्यवस्था सामान्य कराने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान कथित रूप से भड़काऊ गतिविधियों के चलते भीड़ उग्र होने लगी, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हुआ और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मुखिया गुर्जर और उसके साथियों की भूमिका के कारण धरना स्थल पर तनाव बढ़ा और प्रशासनिक कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न हुआ।

ओमकार कांड से पहले ही उबाल पर है क्षेत्र

गौरतलब है कि गनौली गांव निवासी डेयरी संचालक ओमकार के दिनदहाड़े अपहरण और बाद में सामने आए घटनाक्रमों ने पूरे लोनी क्षेत्र को झकझोर दिया है। मामले में कई आरोपियों पर इनाम घोषित किया जा चुका है तथा पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इसके बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के पूर्ण खुलासे को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी बनी हुई है।

इसी नाराजगी के चलते बीते दिनों चिरौड़ी मार्ग पर बड़ा धरना और सड़क जाम हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हुए थे।

अब दो मोर्चों पर घिरा मामला

ओमकार कांड में एक ओर पुलिस मुख्य आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के अभियान में जुटी है, वहीं दूसरी ओर धरना-प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर दर्ज मुकदमे ने आंदोलन को भी कानूनी दायरे में ला खड़ा किया है।

क्षेत्र में चर्चा इस बात की है कि आने वाले दिनों में पुलिस इस मुकदमे में क्या कार्रवाई करती है और क्या मुखिया गुर्जर तथा अन्य नामजद अथवा अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।

बढ़ी संवेदनशीलता, हर कदम पर नजर

ओमकार अपहरण-हत्या प्रकरण पहले ही जनभावनाओं से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मामला बना हुआ है। ऐसे में धरना-प्रदर्शन के दौरान हंगामे और उकसावे के आरोपों में दर्ज यह नया मुकदमा पूरे घटनाक्रम को और अधिक संवेदनशील बना रहा है। अब क्षेत्र की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे परिजनों की लड़ाई पर टिकी हुई हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here