जन वाणी न्यूज़
80 घंटे बाद भी ओमकार का सुराग नहीं, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम
बंथला-चिरौड़ी मार्ग पर धरना, महिलाओं समेत सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे; विधायक नंद किशोर गुर्जर पहुंचे, पुलिस पर फूटा आक्रोश


रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता
गाजियाबाद । कमिश्नरेट के लोनी कोतवाली क्षेत्र स्थित गनौली गांव के डेयरी संचालक ओमकार के अपहरण मामले में लगभग 80 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। दिनदहाड़े गोली मारकर घायल करने के बाद बदमाशों द्वारा ओमकार को कार में डालकर ले जाने की सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। घटना के कई दिन गुजरने के बावजूद न तो अपहृत ओमकार की सकुशल बरामदगी हो सकी है और न ही मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ सके हैं।
मंगलवार को गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों का सब्र टूट गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और स्थानीय लोग बंथला-चिरौड़ी मार्ग पर धरने पर बैठ गए और सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती। धरने के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
धरना स्थल पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल दिखाई दिया। परिवार के लोगों का कहना है कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, उनकी चिंता और आशंका बढ़ती जा रही है। परिजनों ने आरोप लगाया कि लगातार गुहार लगाने के बावजूद पुलिस अब तक केवल आश्वासन देती रही, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक ओमकार की सकुशल बरामदगी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाने का प्रयास किया। विधायक ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि इतने संवेदनशील मामले में अब तक कोई ठोस सफलता न मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई और सख्त पुलिस कार्रवाई की मांग उठाई। कुछ ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ तीखा रोष व्यक्त किया।
गौरतलब है कि शनिवार सुबह खड़खड़ी रेलवे अंडरपास के पास ओमकार को बदमाशों ने घेर लिया था। आरोप है कि बदमाशों ने कई राउंड फायरिंग की, जिसमें ओमकार घायल हो गए। इसके बाद उन्हें जबरन वाहन में डालकर ले जाया गया। मौके से खून के निशान, खोखे, बाइक और चप्पल बरामद हुई थी, जिसने पूरे मामले को और सनसनीखेज बना दिया।
मामले में पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। बढ़ते दबाव के बीच लोनी थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जबकि पुलिस द्वारा कई टीमें गठित कर तलाश अभियान चलाने का दावा किया गया है। इसके बावजूद अब तक कोई निर्णायक सफलता सामने नहीं आने से लोगों में भारी नाराजगी बनी हुई है।
क्षेत्र में इस घटना को लेकर भय और असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। वहीं अब पूरे इलाके की निगाहें पुलिस कार्रवाई और ओमकार की सकुशल वापसी पर टिकी हुई हैं।
