जन वाणी न्यूज़
72 घंटे बाद भी डेयरी संचालक ओंकार का सुराग नहीं, लोनी पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
दिनदहाड़े गोली मारकर अपहरण के बाद क्षेत्र में दहशत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल; पहले मिली धमकियों पर कार्रवाई होती तो टल सकती थी वारदात
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता
गाजियाबाद । लोनी में दिनदहाड़े डेयरी संचालक ओंकार के अपहरण की सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र में दहशत, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। घटना को 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस अपहृत ओंकार का कोई सुराग लगाने में नाकाम साबित हुई है। वहीं मुख्य आरोपी अब भी पुलिस पकड़ से बाहर हैं, जिससे लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।
गनोली गांव निवासी ओंकार शनिवार को अपने कार्य से निकले थे। आरोप है कि खरकड़ी रेलवे अंडरपास के निकट पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने गोली मारकर उन्हें घायल कर दिया और फिर जबरन कार में डालकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों का कहना है कि हर बीतते घंटे के साथ किसी अनहोनी की आशंका बढ़ती जा रही है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब दिनदहाड़े एक कारोबारी को गोली मारकर अगवा किया जा सकता है, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करे।
घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि ओंकार के बेटे को पहले भी गांव के ही कुछ लोगों द्वारा पीछा कर जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसकी शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती, तो शायद आज यह घटना न होती।
मामले में बढ़ते जनाक्रोश के बाद पुलिस अधिकारियों ने संबंधित चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी और थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है। वहीं पांच आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने अपहृत की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दस टीमें गठित की हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लग सकी है।
पुलिस ने साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं। यही वजह है कि लोगों में पुलिस के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस केवल आश्वासन दे रही है, जबकि अपहृत ओंकार का अब तक कोई सुराग न मिलना गंभीर चिंता का विषय है।
लोनी क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। गांवों में लोग समूह बनाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ओंकार को सकुशल बरामद नहीं किया गया और आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है।
यह सनसनीखेज अपहरण कांड एक बार फिर क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है। अब सबकी निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर कब तक अपहृत ओंकार का सुराग मिलता है और कब इस पूरे मामले का खुलासा हो पाता है।
