जन वाणी न्यूज़
गाजियाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा असर
एक ही दिन में 55 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण, करोड़ों की वसूली और पीड़ितों को राहत
जन वाणी संवाददाता
गाजियाबाद। जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने न्याय व्यवस्था को तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा संदेश दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष अदालत में रिकॉर्ड स्तर पर मामलों का निस्तारण किया गया, जिससे हजारों लोगों को लंबे समय से चले आ रहे विवादों और मुकदमों से राहत मिली।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विनोद सिंह रावत ने की। लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 55,113 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें सुलह-समझौते के जरिए बड़ी संख्या में ऐसे विवाद खत्म हुए जो वर्षों से अदालतों में लंबित थे। विशेष बात यह रही कि अदालत ने केवल मुकदमों का निपटारा ही नहीं किया बल्कि करोड़ों रुपये की वसूली और मुआवजा दिलाकर आम लोगों को प्रत्यक्ष राहत भी पहुंचाई।
परिवार न्यायालय से जुड़े वैवाहिक विवाद और भरण-पोषण के 141 मामलों का समाधान आपसी सहमति से कराया गया। इससे कई परिवारों में लंबे समय से चली आ रही कानूनी तनातनी समाप्त हुई। वहीं मोटर दुर्घटना प्रतिकर से जुड़े 57 मामलों में पीड़ित पक्षकारों को करीब 91 लाख रुपये से अधिक की धनराशि दिए जाने के आदेश पारित किए गए।
बैंक ऋण वसूली और बीएसएनएल से जुड़े मामलों में भी लोक अदालत ने तेजी दिखाई। कुल 3,169 मामलों का निस्तारण करते हुए करीब 3 करोड़ 42 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न अधिनियमों से जुड़े मामलों में लगभग 2 करोड़ 35 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित कर वसूला गया।
राजस्व न्यायालयों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राजस्व से संबंधित 3 लाख 46 हजार 577 मामलों का भी निस्तारण किया गया, जो प्रशासनिक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय लोक अदालतें न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को कम करने के साथ-साथ लोगों को त्वरित और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बनती जा रही हैं। गाजियाबाद में हुआ यह विशाल निस्तारण इसी दिशा में एक मजबूत उदाहरण माना जा रहा है।
