जन वाणी न्यूज़
लोनी में विकास कार्य बना विनाश का कारण
ठेकेदार की लापरवाही से दिल्ली-सहारनपुर मार्ग ठप, जलभराव और खुदाई ने तोड़ी जनता की कमर
लोनी, संवाददाता।
लोनी क्षेत्र इन दिनों अव्यवस्था, जलभराव और अधूरे निर्माण कार्यों की मार झेल रहा है। क्षेत्र की जीवन रेखा माने जाने वाला दिल्ली-सहारनपुर मार्ग कई स्थानों पर बंद और बाधित पड़ा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए घंटों जाम और कीचड़ से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता ने पूरे क्षेत्र को “जलभराव और अव्यवस्था के नरक” में बदल दिया है।
मानचित्र के अनुसार शिव विहार मेट्रो स्टेशन से लेकर लोनी तिराहा तक सड़क के कई हिस्सों में खुदाई, जलभराव और सड़क बंद होने की स्थिति बनी हुई है। सबसे गंभीर स्थिति शिव विहार मेट्रो के नीचे दिल्ली-सहारनपुर रोड की बताई जा रही है, जहां नाला निर्माण कार्य के चलते सड़क पर पानी भरा हुआ है और पानी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई। परिणामस्वरूप वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं और पैदल निकलना भी दूभर हो चुका है।
विकास नगर और नसबंदी कॉलोनी मार्ग भी प्रभावित
विकास नगर के पास बड़ी पुलिया खोदे जाने के कारण मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। नसबंदी कॉलोनी होकर जाने वाला वैकल्पिक रास्ता भी अवरुद्ध बताया जा रहा है। वहीं ऋषि मार्केट क्षेत्र की गलियों में पुलिया खोद दिए जाने से बाइक और छोटे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोनी कोतवाली के सामने भी बदहाल स्थिति
लोनी कोतवाली के सामने एक तरफ का मार्ग बंद पड़ा है और जगह-जगह जलभराव ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। लोगों का कहना है कि मामूली बारिश के बाद ही सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
अतिक्रमण और संकरी सड़कें बनीं बड़ी समस्या
बलराम नगर से होकर जाने वाले 100 फुटा रोड को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जा रहा है, लेकिन मंडी के पास सड़क संकरी होने और अतिक्रमण के कारण यहां भी लंबा जाम लग रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन ने समय रहते अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर उठे सवाल
क्षेत्रवासियों में नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के खिलाफ भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि महीनों से चल रहे निर्माण कार्यों की कोई निगरानी नहीं हो रही। न तो ठेकेदार जवाबदेह है और न ही प्रशासन। जनता का आरोप है कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।
विधायक से लगाई गुहार
परेशान लोगों ने अब क्षेत्रीय विधायक से हस्तक्षेप की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द जल निकासी, सड़क निर्माण और यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो स्थिति और विस्फोटक हो सकती है। व्यापारियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जनता का सवाल — आखिर जिम्मेदार कौन?
लोनी की जनता अब पूछ रही है कि करोड़ों रुपये के विकास कार्य आखिर जनता की सुविधा के लिए हो रहे हैं या परेशानी बढ़ाने के लिए? अधूरी खुदाई, बदहाल सड़कें, जलभराव और ट्रैफिक जाम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
