लोनी अपहरण कांड में पुलिस का बड़ा एक्शन 12 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य पांच बदमाशों पर इनाम बढ़ाकर 50-50 हजार; पुरानी रंजिश में रची गई थी खूनी साजिश

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जन वाणी न्यूज़

लोनी अपहरण कांड में पुलिस का बड़ा एक्शन 

12 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य पांच बदमाशों पर इनाम बढ़ाकर 50-50 हजार; पुरानी रंजिश में रची गई थी खूनी साजिश

रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता

गाजियाबाद । कमिश्नरेट के लोनी थाना क्षेत्र में डेयरी संचालक को गोली मारकर अपहरण किए जाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस बहुचर्चित प्रकरण में कुल 12 अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है। वहीं घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

इस बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार पांच मुख्य आरोपियों पर घोषित इनाम की राशि भी बढ़ा दी गई है। पहले डीसीपी ग्रामीण द्वारा प्रत्येक आरोपी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और बढ़ते जनदबाव के बाद अब संयुक्त पुलिस आयुक्त द्वारा इनामी राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी गई है।

फरार आरोपियों में गौरव पुत्र विजेन्द्र, सौरभ उर्फ भोला पुत्र विजेन्द्र, गोपाल पुत्र रमेश, गौरव निवासी बादलपुर गौतमबुद्धनगर तथा मोहित पुत्र मुकुट पंडित शामिल हैं। पुलिस इन सभी की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

मामले के अनुसार 30 मई 2026 को गांव गनौली निवासी सुरेन्द्र पुत्र राममहर ने थाना लोनी में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने गोली मारकर अपहरण की वारदात को अंजाम दिया और पीड़ित को जबरन वाहन में डालकर अपने साथ ले गए। घटना के बाद इलाके में दहशत और भारी आक्रोश फैल गया था।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पूरी वारदात पूर्व नियोजित आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा थी। विवेचना में विजेन्द्र, आजाद और अजब सिंह के नाम भी सामने आए थे, जिन्हें पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बाद में फरार आरोपियों को संरक्षण देने, छिपाने और मदद पहुंचाने के आरोप में सात अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी के चलते बदला लेने की नीयत से इस घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार, वाहन और अन्य संसाधन किसने उपलब्ध कराए।

हालांकि पुलिस लगातार गिरफ्तारी कर रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है कि गोली मारकर अगवा किए गए व्यक्ति का अब तक कोई सुराग क्यों नहीं लग पाया। घटना के कई दिन बाद भी पीड़ित की बरामदगी न होना परिवार और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है।

ग्रामीणों में पुलिस के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है।

अब इनामी राशि बढ़ाए जाने के बाद पुलिस पर फरार मुख्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दबाव और बढ़ गया है। पूरे लोनी क्षेत्र की निगाहें अब पुलिस की अगली कार्रवाई और अपहृत व्यक्ति की सुरक्षित बरामदगी पर टिकी हुई हैं।

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