जन वाणी न्यूज़
पांच दिन बाद भी डेयरी संचालक ओमकार का सुराग नहीं, 50-50 हजार के इनामी घोषित हुए पांच आरोपी
गाजियाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लेकिन अपहृत ओमकार की बरामदगी अब भी सबसे बड़ा सवाल
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता
गाजियाबाद । कमिश्नरेट के लोनी थाना क्षेत्र से दिनदहाड़े गोली मारकर अपहरण किए गए डेयरी संचालक ओमकार प्रकरण में पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो अपहृत ओमकार का कोई सुराग लगा सकी है और न ही मुख्य आरोपियों तक पहुंच पाई है। मामले की गंभीरता और लगातार बढ़ते जनदबाव के बीच अब अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा इस बहुचर्चित प्रकरण में वांछित चल रहे पांच शातिर आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार लोनी थाने में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 152/2026 धारा 109(1), 140(3), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत वांछित पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने कहा है कि अभियुक्तों को बंदी बनाने, बंदीकरण का विरोध करने पर आवश्यक शक्ति का प्रयोग कर पकड़ने अथवा उनके संबंध में सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को पुरस्कृत किया जाएगा।
इन पांच आरोपियों पर घोषित हुआ इनाम
1. गौरव नागर पुत्र गजराज निवासी बादलपुर, जनपद गौतमबुद्धनगर
2. गोपाल पुत्र रमेश निवासी ग्राम गनौली, थाना लोनी
3. सौरभ उर्फ भोला पुत्र विजेन्द्र निवासी ग्राम गनौली
4. गौरव पुत्र विजेन्द्र निवासी ग्राम गनौली
5. मोहित पुत्र मुकुट पंडित निवासी ग्राम गनौली
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला ग्राम गनौली निवासी डेयरी संचालक ओमकार के अपहरण से जुड़ा है, जिन्हें बदमाशों ने ग्राम खरखड़ी स्थित रेलवे अंडरपास के पास गोली मारने के बाद कार में डालकर उठा लिया था। घटना दिनदहाड़े हुई थी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार हमलावर बेहद बेखौफ थे और वारदात को अंजाम देकर खुलेआम फरार हो गए।
पांच दिन बाद भी खाली हाथ पुलिस
घटना के बाद से लगातार पुलिस की कई टीमें गठित किए जाने, दबिश और संभावित ठिकानों पर छापेमारी के दावों के बावजूद अब तक न तो ओमकार की बरामदगी हो सकी है और न ही मुख्य आरोपी गिरफ्त में आए हैं। यही कारण है कि अब पुलिस ने इनाम घोषित कर सूचना तंत्र को सक्रिय करने का प्रयास किया है।
हालांकि क्षेत्र में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर पांच दिन बाद भी अपहृत ओमकार कहां हैं? क्या वह जीवित हैं? क्या पुलिस किसी बड़े सुराग तक पहुंची है? इन सवालों का स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आ पाया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, ग्रामीणों में आक्रोश
ओमकार के परिजनों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, परिवार की चिंता और भय बढ़ता जा रहा है। परिजन पुलिस से जल्द बरामदगी की गुहार लगा रहे हैं। वहीं ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश व्याप्त है। बीते दिनों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन भी किया था और पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि दिनदहाड़े गोली मारकर किसी व्यक्ति का अपहरण हो सकता है और पांच दिन बाद भी पुलिस कोई ठोस परिणाम नहीं दे पा रही, तो यह कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
पुलिस पर बढ़ा दबाव
यह मामला अब कमिश्नरेट पुलिस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनता जा रहा है। एक ओर अपहरण जैसी सनसनीखेज वारदात, दूसरी ओर लंबे समय तक अपहृत का सुराग न लग पाना और अब आरोपियों पर इनाम घोषित होना यह संकेत दे रहा है कि पुलिस अभी तक निर्णायक सफलता से दूर है।
फिलहाल पूरे इलाके की निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को इंतजार है कि आखिर ओमकार सकुशल मिलेंगे या नहीं और पुलिस इन इनामी आरोपियों तक कब पहुंच पाएगी।