गाजियाबाद में 582 प्रशिक्षु आरक्षियों की दीक्षांत परेड संपन्न, पुलिस सेवा में शामिल हुए नए जवान

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जन वाणी न्यूज़

गाजियाबाद में 582 प्रशिक्षु आरक्षियों की दीक्षांत परेड संपन्न, पुलिस सेवा में शामिल हुए नए जवान

9 माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद खाकी को मिले 582 नए सिपाही, अनुशासन और दमखम का दिखा शानदार प्रदर्शन

वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी

गाजियाबाद, 26 अप्रैल 2026। कमिश्नरेट गाजियाबाद के रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित परेड ग्राउंड में रविवार को भव्य और गौरवपूर्ण माहौल के बीच 582 प्रशिक्षु आरक्षियों की दीक्षांत परेड संपन्न हुई। नौ माह के कठोर एवं आधारभूत प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ये सभी प्रशिक्षु अब आधिकारिक रूप से पुलिस सेवा का हिस्सा बन गए। समारोह के दौरान परेड मैदान देशभक्ति, अनुशासन और गर्व के भाव से सराबोर नजर आया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड ने परेड का निरीक्षण किया और नवप्रशिक्षित आरक्षियों की सलामी ली। प्रशिक्षुओं ने कदमताल, हथियार संचालन, ड्रिल अनुशासन और सामूहिक प्रदर्शन के माध्यम से अपनी दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उपस्थित अधिकारी, परिजन और अतिथि भावुक एवं उत्साहित दिखाई दिए।

10 प्लाटून ने दिखाई ताकत, कमांडरों ने संभाली कमान

दीक्षांत परेड में कुल 10 प्लाटून ने हिस्सा लिया। परेड का नेतृत्व प्रथम कमांडर अर्जुन सिंह तोमर, द्वितीय कमांडर कुशल चौधरी तथा तृतीय कमांडर उमंग प्रताप ने किया। मैदान में गूंजती कमांड, सधे कदम और एकरूपता ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता को साफ तौर पर प्रदर्शित किया।

मुख्यमंत्री और डीजीपी ने वर्चुअल माध्यम से दिया संदेश

समारोह को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा पुलिस महानिदेशक ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने नवप्रशिक्षित आरक्षियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। साथ ही जनता के प्रति संवेदनशील, जिम्मेदार और जवाबदेह पुलिसिंग की अपेक्षा भी जताई गई।

उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को किया गया सम्मानित

दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षण के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को सम्मानित भी किया गया।

अरविंद कुमार ने अंत: कक्षीय प्रशिक्षण के सभी समूहों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।

दीपक नरवार बाह्य कक्षीय प्रशिक्षण में सर्वश्रेष्ठ घोषित किए गए।

मयंक राजपूत को सर्वांग सर्वोत्तम प्रशिक्षु का प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया।

इन नामों की घोषणा होते ही समारोह स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

पुलिस आयुक्त का संदेश: खाकी सिर्फ वर्दी नहीं, जिम्मेदारी है

पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत परेड केवल प्रशिक्षण का समापन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी का आचरण निष्पक्ष, ईमानदार और संवेदनशील होना चाहिए।

उन्होंने नवआरक्षियों से कहा कि आधुनिक तकनीक, साइबर जागरूकता और जनसंवाद आज की पुलिसिंग के सबसे बड़े हथियार हैं। जनता का विश्वास जीतना ही एक सफल पुलिसकर्मी की पहचान है।

आधुनिक चुनौतियों से निपटने का मिला प्रशिक्षण

9 माह के प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को केवल परेड और शारीरिक दक्षता ही नहीं, बल्कि बदलते अपराध स्वरूपों से निपटने के लिए भी तैयार किया गया। इनमें प्रमुख रूप से—

कानून व्यवस्था प्रबंधन

अपराध नियंत्रण तकनीक

सामुदायिक पुलिसिंग

हथियार संचालन

शारीरिक दक्षता

साइबर अपराध नियंत्रण

आपदा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया

जैसे विषय शामिल रहे।

गाजियाबाद पुलिस को मिला नया बल

कमिश्नरेट गाजियाबाद के लिए यह दीक्षांत परेड कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र, बढ़ती आबादी और आधुनिक अपराध चुनौतियों के बीच 582 नए प्रशिक्षित आरक्षियों का शामिल होना पुलिस व्यवस्था को मजबूत करेगा।

समाज में शांति और सुरक्षा की नई उम्मीद

समारोह के अंत में कमिश्नरेट गाजियाबाद ने सभी नवप्रशिक्षित आरक्षियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे समाज में शांति, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

आज परेड मैदान में सिर्फ कदमों की आवाज नहीं थी, बल्कि एक सुरक्षित समाज की नई उम्मीद भी सुनाई दे रही थी।

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