100 घंटे बाद भी ओमकार का सुराग नहीं, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

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जन वाणी न्यूज़

100 घंटे बाद भी ओमकार का सुराग नहीं, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

बंथला-चिरौड़ी मार्ग घंटों जाम, पुलिस-ग्रामीणों में तीखी झड़प; “ओंकार को बरामद करो” के नारों से गूंजा इलाका

रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता

गाजियाबाद। लोनी कोतवाली क्षेत्र के गनौली गांव निवासी डेयरी संचालक ओमकार उर्फ ओमन के अपहरण मामले में पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सफलता हाथ न लगने से गुरुवार को ग्रामीणों और पीड़ित परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। ओमकार का अब तक कोई सुराग न लगने तथा मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने सुबह से ही बंथला-चिरौड़ी मार्ग पर जाम लगाकर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बन गया।

धरने में आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय नेता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने गाजियाबाद पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए “ पुलिस प्रशासन हाय -हाय” और “ओंकार को बरामद करो” के नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस लगातार आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक न तो ओमकार को सकुशल बरामद किया जा सका और न ही मुख्य आरोपी पकड़े गए।

धरना स्थल पर उस समय स्थिति और अधिक गरमा गई जब डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही और ढिलाई बरतने के गंभीर आरोप लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने यहां तक कह दिया कि यदि पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई नहीं कर सकती तो उन्हें न्याय की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए।

मृतक आशंका के साये में जी रहे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की महिलाओं की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। हर गुजरते घंटे के साथ किसी अनहोनी की आशंका उन्हें अंदर तक तोड़ रही है। परिजन बार-बार यही सवाल उठा रहे हैं कि आखिर दिनदहाड़े गोली मारकर अगवा किए गए ओमकार का अब तक कोई पता क्यों नहीं चल पाया।

ज्ञात हो कि 30 मई को लोनी क्षेत्र के खड़खड़ी अंडरपास के पास बदमाशों ने ओमकार को गोली मारने के बाद कार में डालकर अगवा कर लिया था। घटनास्थल से खून के निशान, खोखे, बाइक और चप्पल बरामद हुई थीं, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले में पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस प्रकरण में थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है तथा कई पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

उधर पुलिस ने पांच मुख्य आरोपियों पर घोषित इनाम राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक ओमकार की बरामदगी और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पूरे इलाके में भय, गुस्सा और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

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