जन वाणी न्यूज़
चौथे दिन भी ओमकार का सुराग नहीं, लोनी पुलिस पर बढ़ा दबाव
रो-रोकर न्याय की गुहार लगाते रहे परिजन, देर रात तक चिरौड़ी-बंथला मार्ग जाम
गाजियाबाद। लोनी कोतवाली क्षेत्र के गनोली गांव निवासी डेयरी संचालक ओमकार उर्फ ओमन के अपहरण को लगभग चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस अपह्रत का कोई सुराग लगाने में सफल नहीं हो सकी है। घटना को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश, भय और बेबसी का माहौल है। लगातार बीतते समय के साथ परिवार की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं, वहीं ग्रामीणों में भी पुलिस कार्रवाई को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है।
शनिवार को दिनदहाड़े गोली मारकर ओमकार के अपहरण की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया था। घटना के बाद से पुलिस लगातार तलाश और दबिश का दावा कर रही है, लेकिन चार दिन बाद भी न तो अपह्रत बरामद हो सका है और न ही मुख्य आरोपियों तक पुलिस पहुंच पाई है।
पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अपह्रत के भाई ने भावुक होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई और कहा कि यदि समय रहते उनके भाई को सकुशल बरामद नहीं किया गया तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। परिजनों का कहना है कि हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता और भय बढ़ता जा रहा है।
घटना से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने देर रात चिरौड़ी-बंथला मार्ग पर धरना देकर जाम लगा दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस अब तक केवल आश्वासन देती रही है, जबकि अपह्रत का कोई पता नहीं चल सका।
जाम और बढ़ते तनाव की सूचना पर एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद एसीपी द्वारा परिजनों को आश्वासन दिया गया कि आज शाम चार बजे तक अपह्रत ओमकार की बरामदगी के लिए निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद देर रात परिजन और ग्रामीण सड़क से हटे तथा जाम खुल सका।
हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस के हाथ खाली रहे। अपहरण जैसी गंभीर वारदात के बाद भी पुलिस की धीमी प्रगति को लेकर क्षेत्र में दहशत और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही ओमकार की सकुशल बरामदगी नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
