जन वाणी न्यूज़
48 घंटे बाद भी अपहृत डेयरी संचालक का सुराग नहीं, लोनी पुलिस के हाथ खाली
गोली मारकर अपहरण की वारदात से दहला इलाका, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल; 10 टीमें लगीं, फिर भी नतीजा शून्य
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता
गाजियाबाद। लोनी कोतवाली क्षेत्र में डेयरी संचालक ओमकार के अपहरण की सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो पुलिस अपहृत ओमकार को बरामद कर सकी है और न ही अपहरणकर्ताओं का कोई ठोस सुराग हाथ लग पाया है। लगातार बीतते समय के साथ पीड़ित परिवार की बेचैनी, दहशत और आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जबकि क्षेत्रवासियों में भी भय और असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है।
बताया गया है कि 30 मई की सुबह लोनी कोतवाली क्षेत्र के गनौली गांव निवासी डेयरी संचालक ओमकार को खरखड़ी अंडरपास के पास बदमाशों ने गोली मारने के बाद अगवा कर लिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। परिजन तभी से ओमकार की सलामती की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता और डर बढ़ता जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अपहृत की तलाश में क्राइम ब्रांच समेत 10 टीमें लगाई गई हैं और कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। पुलिस की तमाम कोशिशों और दावों के बावजूद मामला जस का तस बना हुआ है। घटना के बाद कार्रवाई करते हुए संबंधित चौकी इंचार्ज, थाना प्रभारी और थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अपहृत की बरामदगी नहीं होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
उधर, पीड़ित परिवार का कहना है कि हर बीतता पल उनके लिए किसी भयावह सपने से कम नहीं है। परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि बच्चों और बुजुर्गों में भी दहशत व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि इतने बड़े घटनाक्रम के बाद भी पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पा रही है तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
इस बहुचर्चित अपहरण कांड ने लोनी क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और अपहृत ओमकार की सुरक्षित बरामदगी पर टिकी हुई हैं।
