जन वाणी न्यूज़
गांव की बेटी ने विश्व मंच पर लहराया भारत का परचम
ग्रेटर नोएडा के मकौड़ा गांव की शेरी सिंह बनीं देश की नई पहचान, कान्स फिल्म फेस्टिवल में बिखेरा भारतीय संस्कृति का जलवा
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता / जन वाणी न्यूज़
ग्रेटर नोएडा । कहते हैं कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या ऊंचे महलों की मोहताज नहीं होती, यदि हौसले बुलंद हों तो गांव की मिट्टी से उठी बेटियां भी पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन कर सकती हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण बनी हैं ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव मकौड़ा की बेटी शेरी सिंह, जिन्होंने विश्व के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में से एक कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराकर पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया है।
विश्वभर की चमक-दमक और ग्लैमर के बीच भारतीय संस्कृति, आत्मविश्वास और शालीनता का संगम बनकर उभरी शेरी सिंह आज करोड़ों युवाओं, विशेषकर ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। वर्ष-2025 में मिसेज यूनिवर्स का खिताब जीतकर उन्होंने इतिहास रचा था और अब कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपने डेब्यू से उन्होंने यह साबित कर दिया कि भारतीय नारी की पहचान केवल सुंदरता नहीं बल्कि संस्कार, प्रतिभा और आत्मविश्वास भी है।
शेरी सिंह ने कान्स में प्रसिद्ध डिजाइनर जोड़ी द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक और आधुनिकता के अनूठे मेल वाले परिधान को पहनकर भारतीय विरासत की शानदार झलक पेश की। क्लासी लहंगे, पारंपरिक एम्ब्रॉयडरी और रॉयल ज्वेलरी से सजे उनके अंदाज ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनका यह लुक केवल फैशन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण पृष्ठभूमि की गरिमा का प्रतीक बन गया।
सबसे गर्व की बात यह है कि जिस बेटी ने विश्व मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई, वह किसी महानगर नहीं बल्कि ग्रेटर नोएडा के एक साधारण गांव मकौड़ा की रहने वाली हैं। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि गांवों की बेटियों में भी वह क्षमता है जो पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकती है। शेरी सिंह की उपलब्धि ने न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में 122 से अधिक देशों की प्रतिभागियों को पीछे छोड़कर खिताब जीतना अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि थी। शेरी सिंह ने अपनी बुद्धिमत्ता, आत्मविश्वास और प्रभावशाली व्यक्तित्व से निर्णायकों और दर्शकों का दिल जीत लिया। महिला सशक्तिकरण, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनके विचारों ने उन्हें केवल एक ब्यूटी क्वीन नहीं बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित किया।
आज मकौड़ा गांव की गलियों से लेकर पूरे देश में शेरी सिंह की चर्चा हो रही है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की उनकी यात्रा उन तमाम बेटियों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।
शेरी सिंह की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारत की ग्रामीण प्रतिभाओं, भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति की वैश्विक जीत है। देश को ऐसी बेटियों पर गर्व है, जिन्होंने दुनिया को दिखा दिया कि भारतीय बेटियां हर मंच पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।
