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मेरठ पुलिस की ‘फास्टेस्ट रिकवरी ड्राइव’ सफल: एक हफ्ते में 259 मोबाइल बरामद, 65 लाख की संपत्ति लौटाई
संवाददाता जन वाणी
मेरठ। आमजन के खोए मोबाइल फोन की बरामदगी को लेकर मेरठ पुलिस ने एक मिसाल पेश करते हुए महज एक सप्ताह में 259 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। करीब 65 लाख रुपये कीमत के इन मोबाइलों की रिकवरी को पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान “फास्टेस्ट रिकवरी ड्राइव” के तहत पुलिस अधीक्षक नगर व ग्रामीण के नेतृत्व में सर्विलांस सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से गुमशुदा मोबाइलों का ट्रैकिंग अभियान चलाया। इस दौरान आईपीएस अधिकारी बजरंग प्रसाद के पर्यवेक्षण में लगातार मॉनिटरिंग की गई, जिससे अभियान को गति मिली।
पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल न केवल मेरठ जनपद बल्कि अन्य जिलों और राज्यों से भी ट्रेस किए गए। इनमें वीवो, ओप्पो, सैमसंग, रेडमी, रियलमी, वनप्लस सहित विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। सर्विलांस सेल ने सर्वाधिक 71 मोबाइल बरामद किए, जबकि इंचौली, परतापुर, कंकरखेड़ा, टीपी नगर, नौचन्दी और अन्य थानों की टीमों ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया।
शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इन मोबाइलों को उनके स्वामियों को सुपुर्द किया। अपना खोया फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने मेरठ पुलिस की इस पहल की सराहना की।
तकनीक और समन्वय बना सफलता की कुंजी
इस अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस ने पारंपरिक जांच के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया। सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के जरिए मोबाइल के आईएमईआई नंबर को ट्रैक कर लोकेशन का पता लगाया गया। साथ ही, विभिन्न थानों के बीच समन्वय स्थापित कर तेजी से कार्रवाई की गई।
जनहित में महत्वपूर्ण अपील
मेरठ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल फोन में ‘संचार साथी’ ऐप डाउनलोड करें और मोबाइल खोने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने पर आईएमईआई नंबर, बिल और पहचान पत्र के साथ शिकायत दर्ज कराएं। इससे फोन की रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है।
सुरक्षा पर भी जोर जरूरी
हालांकि पुलिस की यह सफलता सराहनीय है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि मोबाइल चोरी और गुमशुदगी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश के लिए आमजन को भी सतर्क रहना होगा। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी, फोन की सुरक्षा सेटिंग्स का उपयोग और समय रहते शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है।
मेरठ पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक, टीमवर्क और तत्परता के दम पर आमजन का भरोसा मजबूत किया जा सकता है।
