जन वाणी न्यूज़
कनावनी की झुग्गी बस्ती में भीषण आग, 125 से अधिक झोपड़ियां खाक


दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू, कोई जनहानि नहीं
वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी
गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी गांव के पास गुरुवार दोपहर झुग्गी-झोपड़ियों की बस्ती में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। टीन शेड से बनी अस्थाई झोपड़ियां आग की चपेट में आ गईं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते बचाव कार्य तेज़ी से शुरू होने के चलते किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
फायर कंट्रोल रूम को दोपहर 12:17 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वैशाली, साहिबाबाद और कोतवाली समेत अन्य फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना की गईं। आग की भयावहता को देखते हुए मोदीनगर, लोनी और गौतमबुद्ध नगर से भी अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाए गए। कुल 22 फायर टेंडरों और नगर निगम के हाई प्रेशर टैंकरों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
घटनास्थल पर पहुंचते ही दमकल कर्मियों को तेज लपटों और घने धुएं का सामना करना पड़ा। झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडरों के फटने से हालात और गंभीर हो गए। हवा के साथ आग तेजी से फैलती रही, जिससे आसपास के हिस्से भी चपेट में आते गए। इसके बावजूद दमकल टीमों ने चारों ओर से पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने की कोशिश जारी रखी और करीब 2 बजे तक आग को नियंत्रित कर लिया गया।
इसके बाद मलबे के नीचे सुलग रही आग को बुझाने और अत्यधिक गर्मी वाले स्थानों को ठंडा करने का काम देर शाम तक चलता रहा। प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर डटी रहीं और राहत-बचाव कार्य में जुटी रहीं।
प्रशासन के अनुसार, इस आग में करीब 125 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। साथ ही प्लास्टिक और कांच के स्क्रैप के कुछ गोदाम और एक डॉग शेल्टर भी आग की भेंट चढ़ गए। फिलहाल नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई के चलते आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है, जिसकी जांच जारी है।