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लोनी में आस्था का विराट संगम: 31 हजार महिलाओं की भव्य कलश यात्रा ने रचा इतिहास
वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी
गाजियाबाद । जनपद के लोनी विधानसभा क्षेत्र में आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत दृश्य उस समय देखने को मिला, जब श्रीरामकथा के शुभारंभ के अवसर पर 31 हजार से अधिक महिलाओं ने एक साथ कलश उठाकर भव्य कलश यात्रा निकाली। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का भी जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।
कलश यात्रा का शुभारंभ रामपार्क स्थित सिद्ध बाबा मंदिर से हुआ, जहां से श्रद्धालु महिलाओं की विशाल श्रृंखला पूरे क्षेत्र में आस्था की अलख जगाती हुई आगे बढ़ी। यात्रा राणा चौक, रामपार्क होते हुए 50 फुटा मार्ग से कथा पंडाल तक पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
इस आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में माताएं-बहनें पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता ने इसे एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की यह सक्रिय भागीदारी समाज में उनके बढ़ते योगदान और आध्यात्मिक नेतृत्व की भी प्रतीक मानी जा रही है।
लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी इस यात्रा में भाग लेते हुए सिर पर श्रीरामायण धारण की। उन्होंने कहा कि “लोनी की पावन धरती पर आज जो दृश्य देखने को मिला, वह अभूतपूर्व और ऐतिहासिक है। 31 हजार से अधिक माताओं-बहनों का एक साथ कलश यात्रा में शामिल होना न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक शक्ति और एकता का परिचायक भी है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का महापर्व है। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
श्रीरामकथा का आयोजन 15 अप्रैल से 23 अप्रैल तक किया जा रहा है, जिसमें प्रख्यात कथावाचक पंडित अतुल कृष्ण भारद्वाज द्वारा कथा वाचन किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक उत्सव का माहौल बना हुआ है।
यह आयोजन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक ओर यह समाज को धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक करता है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करता है। आज के बदलते समय में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे आयोजन लोगों को एकजुट करने और सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के विशाल धार्मिक आयोजन केवल आस्था का प्रदर्शन नहीं होते, बल्कि यह सामूहिक चेतना और सामाजिक संगठन की शक्ति को भी प्रदर्शित करते हैं। लोनी की यह कलश यात्रा आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगी।
कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब आस्था और संगठन एक साथ आते हैं, तो इतिहास रचने से कोई नहीं रोक सकता।
