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एक करोड़ की सरकारी जमीन से हटाया गया अवैध कब्जा, बंद पड़े मदरसे पर चला प्रशासन का बुलडोजर
वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी न्यूज़
गाजियाबाद, 16 जून। जनपद में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध चल रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करा लिया। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम कुशलिया में स्थित सरकारी भूमि पर वर्षों से बने एक बंद पड़े मदरसे को हटाते हुए प्रशासन ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई तथा पूरे अभियान को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार ग्राम कुशलिया में खसरा संख्या 1061 की 0.0630 हेक्टेयर भूमि खाद के गड्ढे के लिए दर्ज है, जबकि खसरा संख्या 1067 की 0.0250 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में रास्ते के रूप में दर्ज है। जांच में पाया गया कि इन दोनों सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जा कर “फ़ैज़-ए-आम मदरसा मिस्बाह-उल-उलूम” का निर्माण कराया गया था। बताया गया कि यह मदरसा पिछले लगभग पांच वर्षों से बंद पड़ा था।
राजस्व अभिलेखों और प्रशासनिक जांच के आधार पर भूमि को सरकारी संपत्ति घोषित करते हुए कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। सभी वैधानिक और राजस्व संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया और भूमि को कब्जामुक्त करा लिया।
कार्रवाई के दौरान डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्रनाथ तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर अरुण दीक्षित और तहसीलदार सदर रितेश सिंह मौके पर मौजूद रहे। किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति से निपटने के लिए 450 से अधिक पुलिसकर्मियों और पीएसी जवानों की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए, जिसके चलते कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
प्रशासन का दावा है कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि की बाजार कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है। जमीन मुक्त होने के बाद अब संबंधित विभागों द्वारा उसके मूल राजस्व अभिलेखों के अनुसार उपयोग सुनिश्चित किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा, अतिक्रमण अथवा अनधिकृत निर्माण के मामलों में किसी प्रकार की रियायत नहीं बरती जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जनपद भर में सरकारी जमीनों का चिन्हांकन कराया जा रहा है और जहां भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार कार्रवाई कर भूमि को मुक्त कराया जाएगा।
जनपद में हाल के दिनों में अवैध कब्जों के विरुद्ध तेज हुई कार्रवाई को प्रशासन की सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है। कुशलिया में हुई यह कार्रवाई भी उसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है, जिसमें सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
