जन वाणी न्यूज़
लोनी में अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार
बिना नंबर प्लेट, ओवरलोड और खटारा डंपरों पर चलेगा प्रशासनिक बुलडोजर
जिलाधिकारी ने दिए “जीरो टॉलरेंस” के निर्देश, यमुना खादर में माफियाओं की बढ़ी बेचैनी
रविन्द्र बंसल, वरिष्ठ संवाददाता | जन वाणी न्यूज़
लोनी/गाजियाबाद। गाजियाबाद प्रशासन ने लोनी तहसील क्षेत्र में वर्षों से जड़ें जमा चुके अवैध बालू और मिट्टी खनन के कारोबार पर अब निर्णायक कार्रवाई की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री स्तर पर हुई उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने अवैध खनन, ओवरलोडिंग तथा बिना नंबर प्लेट और बिना वैध दस्तावेजों के सड़कों पर दौड़ रहे डंपरों एवं ट्रकों के खिलाफ कठोर अभियान चलाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन के इस सख्त रुख से खनन माफियाओं, ओवरलोड वाहन संचालकों और अवैध परिवहन नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है।
25 मई 2026 को आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की वर्चुअल बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस, परिवहन और खनन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लोनी क्षेत्र, विशेषकर यमुना खादर में किसी भी कीमत पर अवैध बालू और मिट्टी खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध खनन और अवैध परिवहन पर संयुक्त अभियान चलाकर प्रभावी और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वर्षों से सक्रिय है अवैध खनन का नेटवर्क
बताया जाता है कि पिछले कई वर्षों से लोनी तहसील अंतर्गत यमुना खादर क्षेत्र में अवैध खनन का संगठित नेटवर्क सक्रिय है। माजरा मकसूदाबाद, बांमला समेत कई गांवों में रात के अंधेरे में जेसीबी और पोकलेन मशीनों से बड़े पैमाने पर मिट्टी एवं बालू का अवैध खनन किया जाता रहा है। इसके बाद ओवरलोड डंपरों और ट्रकों के माध्यम से अवैध सामग्री का परिवहन किया जाता है।
स्थानीय नागरिक समय-समय पर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से इसकी शिकायत करते रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप रहा है कि कई वाहन बिना वैध परपत्रों, बिना परमिट और बिना नंबर प्लेट के खुलेआम संचालित होते हैं। इतना ही नहीं, बड़ी संख्या में ऐसे डंपर भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार ओवरलोड मिट्टी और बालू ढोने में लगे हैं। अब जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
बिना नंबर प्लेट वाले डंपरों पर विशेष निगरानी
बैठक में यह गंभीर मुद्दा भी उठा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे डंपर और ट्रक संचालित हो रहे हैं जिन पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी है। कई वाहन बिना परमिट, बिना फिटनेस और बिना वैध कागजात के खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ऐसे वाहन न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं बल्कि कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन चुके हैं।
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे वाहनों की तत्काल पहचान कर उन्हें सीज किया जाए। साथ ही अन्य जनपदों से बिना परमिट आने वाले वाहनों की जांच के लिए लोनी तहसील क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर स्थायी चेक पोस्ट स्थापित किए जाएं।
सड़क हादसों और पर्यावरण पर मंडरा रहा खतरा
ओवरलोड और बिना फिटनेस वाले डंपर केवल अवैध खनन का माध्यम ही नहीं, बल्कि गंभीर सड़क हादसों का कारण भी बन रहे हैं। तेज रफ्तार और क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले ये वाहन आए दिन दुर्घटनाओं को न्योता देते हैं।
दूसरी ओर अवैध खनन से यमुना खादर की उपजाऊ भूमि और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। तहसील के अंतर्गत आने वाले माजरा मसूदाबाद बामला में कई स्थानों पर वर्षों से हो रहे अवैध मिट्टी खनन के चलते 40 से 50 फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिससे भविष्य में बड़े हादसों की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह क्षेत्र की कृषि भूमि और भू-पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।
अधिकारियों की जवाबदेही भी होगी तय
बैठक में यह भी संकेत दिए गए कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध खनन या अवैध परिवहन पाया जाता है तो संबंधित विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। प्रशासन अब केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम चाहता है।
जनता में जगी उम्मीद
प्रशासन की इस सख्ती के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि लोनी क्षेत्र को अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बेलगाम डंपर संचालन से राहत मिल सकती है। हालांकि लोगों का कहना है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहकर जमीन पर दिखाई देनी चाहिए, तभी खनन माफियाओं पर वास्तविक अंकुश लग सकेगा।
