जन वाणी न्यूज़
राजा भैया की पत्नी की शिकायत पर विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज
करोड़ों रुपये की फर्म और संपत्तियों पर कब्जे की साजिश, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने तथा हस्ताक्षर में हेराफेरी के आरोप
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी न्यूज़
लखनऊ । हजरतगंज कोतवाली में कुंडा विधायक राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह की तहरीर पर विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी समेत चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला करोड़ों रुपये की साझेदारी फर्म, संपत्तियों पर कब्जा करने की कथित साजिश, दस्तावेजों में हेराफेरी और जालसाजी से जुड़ा बताया जा रहा है। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार मुकदमे में अक्षय प्रताप सिंह, रोहित सिंह, अनिल सिंह और रामदेव यादव को नामजद किया गया है। शिकायत में कुछ अन्य सहयोगियों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है, जिनकी जांच की जा रही है।
भानवी सिंह द्वारा अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2014 में एक साझेदारी फर्म बनाई गई थी, जिसमें करोड़ों रुपये का निवेश किया गया था। फर्म के नाम पर कई चल एवं अचल संपत्तियां खरीदी गई थीं। आरोप है कि बाद में फर्म के अभिलेखों में हेराफेरी कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और बिना जानकारी के फर्म का पता बदल दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर कराकर पूरी फर्म तथा उससे जुड़ी संपत्तियों पर कब्जा करने का प्रयास किया गया।
भानवी सिंह का आरोप है कि मामले की शिकायत पहले भी पुलिस से की गई थी, लेकिन प्रभावशाली लोगों का मामला होने के कारण कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद दस्तावेजों की निजी स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें हस्ताक्षरों में गड़बड़ी सामने आने का दावा किया गया। इसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
बताया जा रहा है कि पहले निचली अदालत में मामला परिवाद के रूप में दर्ज करने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में उच्च अदालतों में कानूनी प्रक्रिया चली। अंततः जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की विशेष अदालत ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया।
हजरतगंज पुलिस का कहना है कि अदालत के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में इस मुकदमे को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि अक्षय प्रताप सिंह लंबे समय से राजा भैया के करीबी और राजनीतिक सहयोगी माने जाते रहे हैं। ऐसे में यह मामला अब केवल कारोबारी विवाद न रहकर राजनीतिक और पारिवारिक टकराव के रूप में भी देखा जा रहा है।
