जन वाणी न्यूज़
लोनी के लाल आदित्य रंजन ने श्रीलंका में लहराया तिरंगा
साउथ एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र और देश का नाम किया रोशन
लोनी, संवाददाता। सीमावर्ती क्षेत्र लोनी के लिए गर्व और खुशी की खबर सामने आई है। लोनी थाना क्षेत्र के बागरानप गांव निवासी 14 वर्षीय प्रतिभाशाली खिलाड़ी आदित्य रंजन ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित साउथ एशियन गोल शॉर्ट बॉल चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अंतरराष्ट्रीय मंच पर आदित्य की सफलता ने न केवल लोनी, बल्कि पूरे गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराया
24 अप्रैल से 28 अप्रैल तक कोलंबो में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश और मालदीव की टीमें शामिल हुईं। बेहद रोमांचक मुकाबलों के बाद भारतीय टीम फाइनल में पहुंची, जहां मेजबान श्रीलंका को हराकर भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
भारतीय टीम का हिस्सा रहे आदित्य रंजन ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाया और टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
लोनी के गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
आदित्य रंजन लोनी के बागरानप गांव के निवासी हैं। उनके पिता केपी सिंह मेरठ लोक निर्माण विभाग (PWD) में अवर अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आदित्य शालीमार गार्डन स्थित सेंट मेरी पब्लिक स्कूल में कक्षा 10 के छात्र हैं। कम उम्र में पढ़ाई और खेल दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाते हुए आदित्य ने यह मुकाम हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि बेटे की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम आज पूरे परिवार और क्षेत्र के सामने है।
घर लौटते ही हुआ जोरदार स्वागत
स्वर्ण पदक जीतकर घर लौटने पर आदित्य रंजन का क्षेत्रवासियों ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। गांव और आसपास के लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई तथा आदित्य को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
हर किसी की जुबान पर यही बात थी कि लोनी की धरती अब खेल प्रतिभाओं की पहचान बन रही है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने आदित्य
आज के समय में जहां युवा मोबाइल और सोशल मीडिया में उलझते जा रहे हैं, वहीं आदित्य रंजन जैसे खिलाड़ी यह संदेश दे रहे हैं कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और परिवार का साथ मिले तो गांव की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है।
आदित्य की यह उपलब्धि लोनी क्षेत्र के हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा है कि सीमित संसाधन सफलता की राह में बाधा नहीं बनते।
प्रशासन और समाज को बढ़ानी होगी खेल प्रतिभाओं की मदद
आदित्य की जीत यह भी साबित करती है कि लोनी और गाजियाबाद में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, मैदान, संसाधन और प्रोत्साहन देने की। यदि प्रशासन और समाज ऐसे खिलाड़ियों का साथ दे, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सितारे दे सकता है।
क्षेत्र को आदित्य पर गर्व
आदित्य रंजन की इस शानदार उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोगों ने कहा कि लोनी के इस लाल ने स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी शहर या महानगर की मोहताज नहीं होती।
लोनी का यह बेटा अब हजारों बच्चों के सपनों की नई उड़ान बन चुका है।
