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24 घंटे बाद भी खाली हाथ पुलिस: शनिवार देर शाम चाय विक्रेता की हत्या से दहला मेरठ
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी
मेरठ, 19 अप्रैल। जानी थाना क्षेत्र में बागपत रोड पर कुराली गांव के सामने शनिवार देर शाम हुए सनसनीखेज हत्याकांड के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। अज्ञात हमलावरों द्वारा चाय विक्रेता बोलो उर्फ नरेश पुत्र जगदीश भाट निवासी कुराली की गोली मारकर की गई निर्मम हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शनिवार देर शाम हुई इस वारदात में हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे और मौका मिलते ही नरेश पर नजदीक से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोलियों की गूंज से पूरा इलाका दहल उठा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल नरेश को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
बागपत रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब खुलेआम इस तरह हत्या हो सकती है, तो आमजन की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, लेकिन खबर लिखे जाने तक न तो हमलावरों का कोई ठोस सुराग लग सका है और न ही हत्या में इस्तेमाल हथियारों का पता चल पाया है। 24 घंटे बाद भी पुलिस की जांच किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है।
एसपी का बयान
एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं, जो लगातार अपराधियों की तलाश में जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपियों का सुराग लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने पुलिस गश्त की सुस्ती और सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस जांच कर रही है, लेकिन अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका है। वहीं, मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मामले में तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं। हालांकि, दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे।
यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था की हकीकत उजागर करती है, जहां अपराधी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं और पुलिस 24 घंटे बाद भी ठोस कार्रवाई से दूर नजर आती है।
