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लोनी में भक्ति का विराट सागर: श्रीराम जन्मोत्सव पर उमड़ा जनसैलाब, चौथे दिन संपन्न हुई श्रीरामकथा
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी
लोनी, गाजियाबाद | 18 अप्रैल 2026
रामपार्क स्थित सिद्ध बाबा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीरामकथा के चौथे दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रसंग जैसे ही कथा व्यासपीठ से प्रस्तुत हुआ, पूरा पांडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और भाव-विभोर कर देने वाला उल्लास ऐसा था मानो पूरा क्षेत्र राममय हो गया हो। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने आयोजन को अभूतपूर्व स्वरूप दे दिया, जहां आस्था का जनसैलाब देर रात तक उमड़ता रहा।
श्रीराम जन्म के दिव्य प्रसंग के दौरान श्रद्धालु भक्ति और वैराग्य के भाव में डूबे नजर आए। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक आयोजनों के प्रति जनमानस की आस्था आज भी उतनी ही प्रबल है। आयोजन स्थल पर अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका भी देखने को मिली।
इस अवसर पर पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी भूपेंद्र चौधरी तथा उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा सहित अनेक संत-महात्माओं ने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया। भूपेंद्र चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को भी नई मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धा है।
वहीं लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि श्रीरामकथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कारों को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जन्मोत्सव हमें सत्य, मर्यादा और आदर्श जीवन की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। लोनी की धरती पर उमड़ा यह जनसमूह सनातन संस्कृति के प्रति अटूट आस्था और समर्पण का सजीव उदाहरण है।
कथा के दौरान भजनों और संकीर्तन ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु झूमते-गाते नजर आए और पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना को जागृत किया, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता का भी संदेश दिया।
चार दिनों तक चले इस भव्य आयोजन का समापन श्रीराम जन्मोत्सव के साथ अत्यंत भावपूर्ण माहौल में हुआ। आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
