लोनी-भोपुरा मार्ग बना ‘स्विमिंग पूल’, एक सड़क अधूरी—दूसरी भी डूबने लगी

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जन वाणी न्यूज़

लोनी-भोपुरा मार्ग बना ‘स्विमिंग पूल’, एक सड़क अधूरी—दूसरी भी डूबने लगी

दिल्ली-सहारनपुर रोड का निर्माण अभी जारी, सुधार अधूरा—इधर लोनी-गाजियाबाद मार्ग पर जलभराव से नई मुसीबत

रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी न्यूज़

लोनी। नगर पालिका की लापरवाही और बदहाल जल निकासी व्यवस्था ने लोनी-भोपुरा (लोनी-गाजियाबाद) मार्ग को एक बार फिर ‘स्विमिंग पूल’ में तब्दील कर दिया है। सड़क पर भरे गंदे पानी के बीच से गुजरना लोगों की मजबूरी बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को अस्पताल ले जाने तक के लिए इसी दूषित दोपानी से होकर गुजरना पड़ रहा है—स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं, “इलाज मिल रहा है या बीमारी?”

वीआईपी दौरे में सूखी सड़क, बाद में फिर जलभराव

गौर करने वाली बात यह है कि हाल ही में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले यही सड़क पूरी तरह सूखी और साफ नजर आई थी। लेकिन जैसे ही दौरा समाप्त हुआ, सड़क पर फिर पानी भरना शुरू हो गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी दिखावे पर काम किया जा रहा है।

एक सड़क अभी सुधरी नहीं, दूसरी भी बिगड़ने लगी

लोनी की जीवनरेखा मानी जाने वाली दिल्ली-सहारनपुर रोड पहले ही जलभराव और जर्जर हालत का शिकार हो चुकी है। स्थिति सुधारने के लिए क्षेत्रीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा शासन से बजट स्वीकृत कराकर सीसी रोड, नाले और सीवर निर्माण का कार्य कराया जा रहा है—लेकिन यह निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है और सड़क की स्थिति पूरी तरह सुधर भी नहीं पाई है।

इसी बीच, दूसरी मुख्य सड़क लोनी-गाजियाबाद मार्ग पर जलभराव शुरू हो जाना प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। लोगों का कहना है कि जब एक प्रमुख सड़क का काम अभी अधूरा है, तब दूसरी सड़क को भी उसी हाल में छोड़ देना पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना है।

जलभराव से सड़क को फिर जर्जर बनाने की आशंका

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार जलभराव से सड़क की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है और आने वाले समय में इसमें भी गहरे गड्ढे और टूट-फूट शुरू हो जाएगी। दिल्ली-सहारनपुर रोड का हाल अभी लोगों के सामने है—और अब वही कहानी दूसरी सड़क पर दोहराई जाती नजर आ रही है।

जिम्मेदार कौन? जवाब देने को तैयार नहीं कोई

नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, जबकि जनता रोज इस समस्या से जूझ रही है।

गंदे पानी के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चे, कामकाजी लोग और मरीज—सभी इस समस्या से प्रभावित हैं।

जनता का गुस्सा बढ़ा, उठ रहे गंभीर सवाल

लोनी की जनता अब सवाल पूछ रही है—
जब एक सड़क का निर्माण कार्य अभी अधूरा है और हालत नहीं सुधरी, तो दूसरी मुख्य सड़क को इस स्थिति में क्यों पहुंचाया जा रहा है?
जल निकासी की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
क्या हर बार वीआईपी दौरे पर ही व्यवस्था सुधरेगी?

लोनी में जलभराव अब केवल एक समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बन चुका है। एक सड़क अभी तक ठीक नहीं हुई और दूसरी भी उसी दिशा में बढ़ रही है। यदि समय रहते ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। जनता अब जवाब और कार्रवाई—दोनों चाहती है। क्षेत्र के लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि किसी राजनीतिक षड़यंत्र के तहत जल भराव के बहाने सड़कों की सतह को कमजोर तो नहीं किया जा रहा है।

 

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