मौसम का बदलेगा मिजाज: कई राज्यों में बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार

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जन वाणी न्यूज़

मौसम का बदलेगा मिजाज: कई राज्यों में बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार

17–18 फरवरी से उत्तर भारत में सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ; आंधी, बिजली और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता की सलाह

रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता 
नई दिल्ली। आने वाले दिनों में देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और कई मैदानी इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इसका प्रभाव तापमान, यातायात और जनजीवन पर पड़ सकता है।

कहां और कब होगी बारिश-बर्फबारी

पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश में 14 और 15 फरवरी को कहीं-कहीं बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं।

उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र—जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद—में 16 और 17 फरवरी को मौसम करवट ले सकता है। इसके बाद 17 और 18 फरवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बर्फबारी और वर्षा की संभावना है।

मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश

17 और 18 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान के उत्तरी हिस्सों में गरज-चमक और बिजली के साथ हल्की वर्षा हो सकती है।

इसी अवधि में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी छिटपुट बारिश के आसार हैं, जबकि मध्य प्रदेश में 18 और 19 फरवरी को मौसम बदल सकता है।

तेज हवाओं के साथ तूफानी गतिविधियां

समुद्री क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16 से 18 फरवरी के बीच 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

क्यों बदल रहा है मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ इस बदलाव की मुख्य वजह है। यह प्रणाली नमी लेकर आती है, जिससे पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। इसके प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है, जबकि प्रदूषण में कमी आने की भी संभावना है।

जनजीवन पर पड़ सकता है असर

बारिश और बर्फबारी से जहां किसानों को रबी फसलों के लिए लाभ मिल सकता है, वहीं तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं जोखिम भी बढ़ा सकती हैं। पहाड़ी मार्गों पर फिसलन, उड़ानों और सड़क यातायात में बाधा जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।

निष्कर्ष:
आने वाले दिनों में मौसम का यह बदलाव राहत और चुनौती—दोनों लेकर आ सकता है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि बदलते मौसम का असर न्यूनतम रहे।

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