मंडोला विहार योजना से प्रभावित किसानों का धरना तहसील परिसर में दूसरे दिन भी जारी

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रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़

मंडोला विहार योजना से प्रभावित किसानों का धरना तहसील परिसर में दूसरे दिन भी जारी

तहसील परिसर में किसानों और प्रशासन के बीच तनातनी, रात्रि में हुआ विवाद — किसानों का अर्धनग्न होकर प्रदर्शन, प्रशासन को पीछे हटना पड़ा

लोनी (गाजियाबाद),4 नवम्बर मंडोला विहार योजना एवं ट्रॉनिका सिटी से प्रभावित किसानों का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में तहसील परिसर में चल रहे धरने में सैकड़ों किसान डटे रहे। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी भूमि से जुड़ी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

बीती रात लगभग 10 बजे अपर जिला अधिकारी (भू-अर्जन) विवेक मिश्रा किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। लंबे संवाद के बाद किसानों ने प्रशासन के आग्रह पर ताला खोल दिया और सकारात्मक रुख अपनाया। लेकिन इसके विपरीत, देर रात लगभग एक बजे प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ तहसील परिसर पहुंचा और कथित रूप से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की सहमति का हवाला देते हुए धरनास्थल खाली कराने का प्रयास किया।

इस कदम से नाराज किसानों ने विरोध जताया और पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख किसान कपड़े उतरकर अर्धनग्न होकर खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठ गए। किसानों के इस शांत लेकिन तीखे प्रदर्शन को देखकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पीछे हट गए।

मंगलवार को दिनभर धरना जारी रहा। इस दौरान न केवल मंडोला योजना के किसान बल्कि तहसील क्षेत्र के अन्य ग्रामीण और फरियादी भी अपनी समस्याएं लेकर धरनास्थल पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मौके पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को बुलाकर कई शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराया।

दोपहर में यूपीएसआईडीसी (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम) के अधिकारी तहसील पहुंचे और किसानों की समस्याओं को सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शीर्ष अधिकारियों से शीघ्र वार्ता कर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

वहीं आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने भी तहसील पहुंचकर अपर जिला अधिकारी विवेक मिश्रा के माध्यम से लखनऊ स्थित आवास आयुक्त से मौखिक वार्ता की। परिषद की ओर से 11 नवम्बर को किसानों और विभागीय अधिकारियों के बीच बैठक कराने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही आवास विकास परिषद की ताला बंदी खोलने और तहसील परिसर से धरना समाप्त करने का आग्रह भी किया गया।

हालांकि, किसानों ने स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी निर्णय से पहले जिला अधिकारी की उपस्थिति में और चौधरी राकेश टिकैत की अध्यक्षता में वार्ता के बाद ही अगला निर्णय लेंगे।

धरनास्थल पर मंगलवार को सैकड़ों किसान उपस्थित रहे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को दोहराया। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि किसानों के हक की लड़ाई जारी रहेगी और जब तक उचित मुआवजा व न्याय नहीं मिलता, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

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