*असंगठित श्रमिकों के बुढ़ापे की चिंता दूर करेगी ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’

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रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़

**असंगठित श्रमिकों के बुढ़ापे की चिंता दूर करेगी ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’

गाजियाबाद में 20,739 श्रमिकों को जोड़ने का लक्ष्य, गांव से शहर तक चलेगा पंजीकरण अभियान**

गाजियाबाद । देश के करोड़ों असंगठित श्रमिकों को वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना गाजियाबाद जनपद में व्यापक स्तर पर लागू की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत उन श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन देना है, जिनके पास बुढ़ापे में आय का कोई स्थायी साधन नहीं होता।

योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे श्रमिक, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है और जो ईएसआई, ईपीएफ अथवा एनपीएस जैसी किसी सामाजिक सुरक्षा योजना से आच्छादित नहीं हैं, पंजीकरण कराकर योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके साथ ही आयकरदाता न होना भी अनिवार्य शर्त है।

गृह आधारित कर्मकार, फेरी लगाने वाले, मध्यान्ह भोजन कर्मी, सिर पर बोझा ढोने वाले, ईंट भट्टा श्रमिक, मोची, निर्माण श्रमिक सहित असंगठित क्षेत्र से जुड़े विभिन्न व्यवसायों में कार्यरत कर्मकार इस योजना के दायरे में शामिल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी, आशा, रोजगार सेवक, रसोइया, मनरेगा श्रमिक जैसे मानदेय पर कार्यरत वे कार्मिक भी पात्र हैं, जिन्हें कर्मचारी राज्य बीमा योजना अथवा कर्मचारी भविष्य निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पात्र श्रमिक द्वारा आयु के अनुसार किया गया अंशदान जितना होगा, उतना ही अंशदान केंद्र सरकार द्वारा भी किया जाएगा। 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी को प्रतिमाह 3000 रुपये की पेंशन प्रदान की जाएगी, जिससे बुढ़ापे में आर्थिक संबल मिल सकेगा। वहीं, लाभार्थी की मृत्यु की स्थिति में उसकी पत्नी अथवा आश्रित को पेंशन की 50 प्रतिशत राशि पारिवारिक पेंशन के रूप में दी जाएगी।

जनपद गाजियाबाद के लिए इस योजना के अंतर्गत 20,739 श्रमिकों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न विभागों के सहयोग से विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं—जिला पंचायत, ब्लॉक पंचायत, ग्राम पंचायत—के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्रों में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर संचालित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत कार्यालय और श्रम विभाग के कार्यालयों की भी सक्रिय भूमिका रहेगी।

पंजीकरण की सुविधा जनसेवा केंद्र (CSC), जन सुविधा केंद्र, विकास खंड कार्यालय, नगर निकाय कार्यालय और श्रम विभाग कार्यालयों पर उपलब्ध कराई गई है। श्रमिक अपने आधार कार्ड, बैंक खाता या जनधन खाता पासबुक और मोबाइल नंबर के साथ नजदीकी केंद्र पर पहुंचकर सरल प्रक्रिया के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना न केवल असंगठित श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें सामाजिक सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर करेगी। यह योजना बुढ़ापे को बोझ नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य में बदलने की एक मजबूत पहल के रूप में देखी जा रही है।

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