रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
चार ग्रामीणों की हिरासत से भड़का आक्रोश, ट्रॉनिका सिटी थाने पर सैकड़ों ग्रामीणों का धरना जारी
मीरपुर हिन्दू गांव में डंपिंग ग्राउंड का विरोध, ग्रामीणों का एलान—गांव को कूड़ाघर नहीं बनने देंगे
लोनी । मीरपुर हिन्दू गांव में प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड के विरोध के दौरान चार ग्रामीणों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। इस कार्रवाई से नाराज भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और आसपास के गांवों से आए सैकड़ों ग्रामीणों ने ट्रॉनिका सिटी थाने पर धरना शुरू कर दिया, जो खबर लिखे जाने तक लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए हिरासत में लिए गए ग्रामीणों की तत्काल रिहाई की मांग की है।
धरना दे रहे ग्रामीणों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए पुलिसिया कार्रवाई की गई, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया है। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक चारों ग्रामीणों को छोड़ा नहीं जाता, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा।
मामले की जड़ मीरपुर हिन्दू गांव में घनी आबादी के बिल्कुल समीप प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड है, जहां शहर का कचरा डाले जाने की योजना बनाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल जमीन का विवाद नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के जीवन से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
ग्रामीणों ने चेताया कि यदि आबादी के पास डंपिंग ग्राउंड बना तो तेज दुर्गंध, वायु और जल प्रदूषण, जहरीली गैसों का रिसाव, मच्छर-मक्खियों का बढ़ता प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लेगा। इसका सबसे अधिक असर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ेगा।
ग्रामीणों की स्पष्ट मांग—गांव पर शहर की गंदगी नहीं
ग्रामवासियों का कहना है कि जब शहर की सीमा में या आबादी से दूर वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण संभव है, तो फिर गांवों को कूड़ाघर बनाने की साजिश क्यों की जा रही है। ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक असंवेदनशीलता और ग्रामीण हितों की खुली अनदेखी करार दिया है।
आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी
धरने पर बैठे ग्रामीणों और किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने साफ कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के इशारे पर नहीं, बल्कि गांव की अस्मिता, जमीन और जीवन रक्षा की लड़ाई है। यदि डंपिंग ग्राउंड की योजना को तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो आंदोलन को पूरे लोनी देहात में फैलाया जाएगा।
फिलहाल ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। हालांकि ग्रामीण एक स्वर में कह रहे हैं कि मीरपुर हिन्दू गांव की आबादी के बीच कचरे का ढेर किसी भी सूरत में मंजूर नहीं किया जाएगा, चाहे इसके लिए उन्हें लंबा संघर्ष ही क्यों न करना पड़े।
पुलिस -प्रशासन ने डंपिंग ग्राउंड को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को हिरासत में लेकर रात में धरना स्थल पर चस्पा किया नोटिस। ग्रामीणों में इससे आक्रोश और बढ़ गया है। देर रात पुलिस ने धरना स्थल पर पहुंच कर बल प्रयोग कर ग्रामीणों को जबरन खदेड़ दिया। पुलिस की कार्रवाई से मीरपुर हिंदू व आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आगामी रणनीति तय कर ने के लिए ग्रामीणों द्वारा गुरुवार को बैठक बुलाई गई है।
दुसरी ओर देर रात ग्रामीणों एवं किसान यूनियन के विरोध को देखते हुए पुलिस ने हिरासत में लिए किसानों को थाने से रिहा कर दिया। तब जाकर थाने पर धरना प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों व किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त किया।
