रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र प्रदेश अलर्ट मोड में, एक साथ 75 ब्लैक आउट
संभावित आतंकी, औद्योगिक और आपदा-जनित खतरों को लेकर उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ मॉक ड्रिल
नागरिक सुरक्षा, खुफिया समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का हुआ व्यावहारिक परीक्षण
लखनऊ । बढ़ती आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों, आतंरिक अस्थिरता पैदा करने की साजिशों और आकस्मिक आपदा-जनित खतरों के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश को अलर्ट मोड में रखते हुए सभी 75 जिलों में एक साथ व्यापक नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल प्राकृतिक आपदाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें संभावित आतंकी घटनाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर हमले, सार्वजनिक स्थलों पर विस्फोट, रासायनिक या जहरीली गैस रिसाव तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अफरा-तफरी जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को व्यवहारिक रूप से परखा गया।
आंतरिक खतरे और त्वरित जवाबी कार्रवाई पर फोकस
अभ्यास के दौरान यह परखा गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अचानक हमले की स्थिति में स्थानीय पुलिस, खुफिया तंत्र, बम निरोधक दस्ते, अग्निशमन सेवा और स्वास्थ्य विभाग किस गति और समन्वय के साथ प्रतिक्रिया देते हैं। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा घेरे, मार्गों की घेराबंदी और संदिग्ध वस्तुओं के निष्क्रियकरण की कार्यप्रणाली को भी मॉक ड्रिल में शामिल किया गया।
जनसामान्य को दहशत नहीं, सतर्कता का संदेश
प्रदेशव्यापी मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य भय का माहौल बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को आंतरिक खतरों के प्रति सतर्क और जागरूक बनाना है। लोगों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में अफवाहों पर ध्यान न दें, सुरक्षा बलों का सहयोग करें और जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
खुफिया समन्वय और संचार व्यवस्था की परीक्षा
इस अभ्यास में जिलों से लेकर राज्य मुख्यालय तक सूचना के त्वरित आदान-प्रदान, कंट्रोल रूम की सक्रियता और आपात संचार प्रणाली को भी परखा गया। अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के दौर में सिर्फ बल नहीं, बल्कि सूचना और समय पर निर्णय सबसे बड़ा हथियार है।
राष्ट्रीय सुरक्षा की कड़ी के रूप में नागरिक सुरक्षा
अधिकारियों ने कहा कि नागरिक




सुरक्षा केवल आपदा प्रबंधन तक सीमित नहीं, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा की पहली कड़ी है। किसी भी आंतरिक खतरे की स्थिति में प्रशिक्षित नागरिक, सतर्क समाज और सजग प्रशासन मिलकर ही बड़े नुकसान को रोक सकते हैं।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ आयोजित यह मॉक ड्रिल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश सरकार आंतरिक सुरक्षा और नागरिक संरक्षण को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है, और संभावित खतरों से निपटने के लिए राज्य हर स्तर पर तैयार है।
