सरधना कांड पर सियासत गरमाई, पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा विधायक को रोका, धरने पर बैठे अतुल प्रधान

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रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़

सरधना कांड पर सियासत गरमाई, पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा विधायक को रोका, धरने पर बैठे अतुल प्रधान

दलित महिला हत्या व बेटी अपहरण मामले में अब तक न गिरफ्तारी, न बरामदगी; मायावती और अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला

मेरठ । सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले ने बुधवार को नया राजनीतिक मोड़ ले लिया। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने गांव के बाहर ही रोक दिया, जिससे आक्रोशित विधायक अपने समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

पीड़ित परिवार से मिलने पर रोक, सड़क पर बैठा धरना

सपा विधायक अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय जनप्रतिनिधियों को रोककर सच्चाई दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक अपहृत बेटी सुरक्षित बरामद नहीं होती और हत्यारोपी गिरफ्तार नहीं होता, तब तक समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। विधायक के धरने के कारण कुछ समय के लिए इलाके में आवागमन भी प्रभावित हुआ।

मायावती का तीखा बयान

बसपा सुप्रीमो कुमारी मायावती ने इस घटना को लेकर बयान जारी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में दलितों और महिलाओं की सुरक्षा पूरी तरह से भगवान भरोसे है। उन्होंने कहा कि सरधना की घटना अत्यंत शर्मनाक है और यह साबित करती है कि कानून का डर अपराधियों में खत्म हो चुका है। मायावती ने सरकार से मांग की कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए, अन्यथा बसपा सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।

अखिलेश यादव का सरकार पर हमला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा सरकार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी का अपहरण होना कानून-व्यवस्था की पूर्ण विफलता है। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब तक आरोपी खुलेआम घूमता रहेगा, तब तक प्रदेश की बेटियां सुरक्षित कैसे रहेंगी।

पूरा मामला संक्षेप में

कपासाड़ गांव में एक दलित महिला ने अपनी बेटी को जबरन उठाने का विरोध किया तो आरोपी ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जबकि आरोपी बेटी को जबरन अपने साथ ले गया। घटना के बाद से युवती लापता है और मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

अंतिम संस्कार अब तक नहीं

मृतका के परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक बेटी सुरक्षित वापस नहीं लाई जाती और आरोपी गिरफ्तार नहीं होता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसी कारण गांव में लगातार तनाव बना हुआ है और पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है।

वर्तमान स्थिति

मुख्य आरोपी अब भी फरार

अपहृत युवती का कोई सुराग नहीं

गांव में भारी पुलिस बल तैनात

राजनीतिक बयानबाजी तेज

पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर अड़ा

 

सरधना का यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था, सामाजिक न्याय और राजनीतिक जवाबदेही का बड़ा प्रश्न बन चुका है। जब तक आरोपी पकड़ा नहीं जाता और बेटी सुरक्षित नहीं मिलती, तब तक यह मुद्दा और अधिक उग्र होने के आसार बने हुए हैं।

प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को दस लाख रुपए का चैक दिया गया, और देर शाम को मृतका का परिजनों को समझा-बुझाकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारीयों ने अंतिम संस्कार करा दिया है।

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