रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
गाजियाबाद में अपराध नियंत्रण और वर्ष 2026 की कार्ययोजना पर पुलिस गोष्ठी
विवेचना से लेकर नशे व साइबर अपराध तक, प्राथमिकताओं पर हुआ मंथन
गाजियाबाद । कमिश्नरेट में अपराध नियंत्रण और वर्ष 2026 की कार्ययोजना को लेकर पुलिस कार्यालय स्थित बैठक कक्ष में 6 जनवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में वर्ष 2026 के लिए अपराध नियंत्रण से जुड़ी प्राथमिकताओं, रणनीतियों और कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई।
गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं यातायात, सहित सभी पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त उपस्थित रहे।
वर्ष 2026 की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा
गोष्ठी में वर्ष 2026 के लिए निम्न बिंदुओं को प्राथमिकता के रूप में रखा गया—
लंबित अभियोगों की विवेचना और उनके शीघ्र निस्तारण की कार्यवाही
दोष सिद्ध कराने के उद्देश्य से अपराधों और अपराधियों का चिन्हांकन तथा प्रभावी पैरवी
साइबर अपराधों की रोकथाम और मामलों के समयबद्ध निस्तारण
महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम हेतु तैयार कार्ययोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और नशाखोरी के विरुद्ध सघन अभियान
अवैध शस्त्रों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई
संपत्ति और शरीर संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए रणनीतिक कार्ययोजना
अपराध नियंत्रण के लिए प्रचलित बीट प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर
प्रणालीगत सुधार और नवाचारों की समीक्षा
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि—
सभी सूचनाओं की समय से दर्जीकरण सुनिश्चित किया जाए
पुलिस की आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए
इसके साथ ही वर्ष 2025 में प्रारंभ किए गए नवाचारों और जनसरोकार से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई, जिनमें—
नागरिक हित में जारी दिशा-निर्देश
बीट प्रणाली
वादी संवाद दिवस का आयोजन
जनसुनवाई व्यवस्था
शिष्टाचार आधारित संवाद नीति
थाना प्रभारियों द्वारा दैनिक कार्य निर्धारण
शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की व्यवस्था
शामिल रहीं।
पर्वों को लेकर तैयारियों की समीक्षा
गोष्ठी में आगामी मकर संक्रांति और गणतंत्र दिवस के अवसर पर की गई सुरक्षा और व्यवस्था संबंधी तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कानून व्यवस्था, यातायात संचालन और जनसुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
जनसहभागिता और पुलिस कार्यप्रणाली पर जोर
गोष्ठी के माध्यम से वर्ष 2026 की कार्ययोजना को स्पष्ट रूप से अधिकारियों के समक्ष रखा गया। अपराध नियंत्रण की रणनीति, जनसहभागिता, साइबर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
