लोनी में रसोई गैस लूट का खुला खेल, गरीबों की रसोई पर संकट

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रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़

लोनी में रसोई गैस लूट का खुला खेल, गरीबों की रसोई पर संकट

अलग-अलग एजेंसियां, एक-सा शोषण

लोनी। क्षेत्र में संचालित रसोई गैस एजेंसियों के संचालक भले ही अलग-अलग हों, लेकिन उपभोक्ताओं के साथ होने वाला शोषण लगभग हर एजेंसी में एक जैसा बताया जा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि सभी एजेंसियों में कालाबाजारी और घाटतौली सुनियोजित ढंग से की जा रही है, जिससे यह समस्या किसी एक एजेंसी तक सीमित न होकर पूरे क्षेत्र की गंभीर जनसमस्या बन चुकी है।

एक सिलेंडर में साढ़े चार किलो तक गैस कम

उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें दिए जा रहे सिलेंडरों में निर्धारित मात्रा से साढ़े चार किलो तक गैस कम पाई जा रही है। सिलेंडर समय से पहले खाली हो जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। यह घाटतौली सीधे-सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर डाका है।

गरीब परिवारों की रसोई पर सीधा हमला

सबसे अधिक असर गरीब और मजदूर तबके पर पड़ रहा है। ऐसे परिवार जो बड़ी मुश्किल से पैसे जोड़कर सिलेंडर भरवा पाते हैं, उन्हें जब कम गैस मिलती है तो उनकी रसोई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। कई परिवारों को मजबूरन लकड़ी, उपले या अन्य असुरक्षित साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों पर खतरा बढ़ रहा है।

घरेलू गैस की कालाबाजारी, बाजार में ऊंचे दाम

आरोप है कि घरेलू गैस सिलेंडरों से पहले ही गैस निकाल ली जाती है और उसी गैस को अवैध रूप से बाजार में महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। गरीब उपभोक्ताओं के हिस्से की गैस कालाबाजारी की भेंट चढ़ रही है, जबकि प्रशासनिक निगरानी नदारद बताई जा रही है।

शिकायतों पर चुप्पी, कार्रवाई शून्य

उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन न तो एजेंसी संचालकों पर कोई दबाव बना और न ही अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने आई। कार्रवाई न होने से कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

प्रशासन से विशेष अभियान की मांग

लोनी क्षेत्र के गैस उपभोक्ताओं में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने जिला अधिकारी और जिला आपूर्ति अधिकारी से मांग की है कि तत्काल विशेष जांच अभियान चलाकर सभी गैस एजेंसियों की औचक जांच कराई जाए, सिलेंडरों की मौके पर तौल सुनिश्चित की जाए और दोषी पाए जाने वाले संचालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

आंदोलन की चेतावनी

नागरिकों का कहना है कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो गरीब उपभोक्ताओं का यह गुस्सा सड़क पर उतर सकता है। लोगों ने स्पष्ट किया है कि गरीबों की रसोई से हो रही लूट अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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