नितिन जाटव हत्याकांड: इंसाफ की मांग तेज, यूनाइटेड हिंदू फ्रंट का परिवार को समर्थन

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जन वाणी न्यूज़

नितिन जाटव हत्याकांड: इंसाफ की मांग तेज, यूनाइटेड हिंदू फ्रंट का परिवार को समर्थन

नरेंद्र बंसल संवाददाता / जनवाणी न्यूज़

लोनी (गाजियाबाद)। गीतांजली विहार निवासी प्रोफेसर नितिन जाटव की हत्या के मामले में अब न्याय की मांग तेज होती जा रही है। घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रियता भी बढ़ा दी है। इसी क्रम में यूनाइटेड हिंदू फ्रंट का एक प्रतिनिधिमंडल अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल के नेतृत्व में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा और हर स्तर पर साथ देने का भरोसा दिलाया।

प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सचिव ईश्वर चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र वेदी, संगठन महामंत्री अवध कुमार (दिल्ली प्रदेश), गाजियाबाद जिला अध्यक्ष विनीत गर्ग सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। परिवार से मुलाकात के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। परिजनों ने घटना को सुनियोजित साजिश बताते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग उठाई।

परिवार का कहना है कि हत्या के पीछे केवल व्यक्तिगत कारण नहीं, बल्कि एक संगठित षड्यंत्र हो सकता है, जिसकी परतें अभी खुलनी बाकी हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इस मामले में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

इस दौरान परिवार ने एक और संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने मृतक की पुत्रवधु और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से उनके बारे में स्पष्ट जानकारी देने और मिलने की व्यवस्था कराने की मांग की। परिजनों का कहना है कि इस पहलू की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

जय भगवान गोयल ने परिजनों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और संगठन न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। गोयल ने यह भी बताया कि इस संबंध में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

इधर, स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रीय नागरिकों ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के दायरे में है, लेकिन जिस तरह से परिजन और सामाजिक संगठन लगातार सवाल उठा रहे हैं, उससे पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां कितनी तेजी और पारदर्शिता से इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाती हैं और पीड़ित परिवार को इंसाफ कब तक मिल पाता है।

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