गाज़ियाबाद में रसोई गैस संकट की आहट: बुकिंग में बाधा, एजेंसियों पर लंबी कतारें, घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग पर भी सवाल

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जन वाणी न्यूज़

गाज़ियाबाद में रसोई गैस संकट की आहट: बुकिंग में बाधा, एजेंसियों पर लंबी कतारें, घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग पर भी सवाल

— आम जनता परेशान, प्रशासनिक निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग तेज

रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी

गाज़ियाबाद। जनपद में इन दिनों रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग समय पर नहीं हो पा रही है, और यदि बुकिंग हो भी रही है तो कई दिनों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल पा रही।

स्थिति यह है कि कई स्थानों पर गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। महिलाएं और बुजुर्ग सुबह से एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा। इस स्थिति से लोगों में भारी असंतोष और चिंता का माहौल बनता जा रहा है।

एजेंसियों पर भीड़, उपभोक्ताओं में आक्रोश

शहर के विभिन्न क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गैस एजेंसियों पर बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर के लिए पहुंच रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के बाद भी कई-कई दिनों तक गैस नहीं मिल रही, जबकि कुछ लोगों का आरोप है कि एजेंसियों पर पारदर्शिता की कमी के कारण आम उपभोक्ता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग बना चिंता का कारण

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा रहा है। शहर के कई ढाबों, छोटे होटल-रेस्तरां, चाय-नाश्ते की दुकानों तथा अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडर के उपयोग की शिकायतें लंबे समय से उठती रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घरेलू गैस का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उपयोग होता है तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की आपूर्ति पर पड़ता है। यही कारण है कि मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन पैदा होने की स्थिति बन सकती है।

प्रशासन और आपूर्ति विभाग से कार्रवाई की मांग

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उपभोक्ताओं और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन तथा आपूर्ति विभाग से मांग की है कि गैस वितरण प्रणाली की सघन जांच कराई जाए। यदि कहीं भी घरेलू गैस का अवैध या व्यावसायिक उपयोग पाया जाए तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

पारदर्शी वितरण व्यवस्था की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि गैस वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और निगरानी आधारित बनाने की आवश्यकता है। एजेंसियों के स्तर पर वितरण की नियमित मॉनिटरिंग, डिजिटल ट्रैकिंग और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत किया जाए तो ऐसी समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

जनता को राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए

रसोई गैस आम नागरिक की दैनिक जरूरत का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में इसकी आपूर्ति में किसी भी प्रकार की अनियमितता सीधे जनता के जीवन को प्रभावित करती है। इसलिए आवश्यक है कि प्रशासन इस पूरे मामले का गंभीरता से संज्ञान लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे और यदि कहीं भी गड़बड़ी सामने आती है तो तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।

फिलहाल गाज़ियाबाद में गैस आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों ने प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी प्रणाली पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

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