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लोनी मेट्रो: स्वीकृति के बावजूद जमीन पर शून्य, जन आक्रोश के बीच डीएम से टकराई प्रशासनिक सुस्ती
गाजियाबाद । लोनी में मेट्रो विस्तार को लेकर जनता में बढ़ते आक्रोश और राजनीतिक दबाव के बीच मेट्रो संघर्ष समिति लोनी ने बुधवार को जिलाधिकारी गाजियाबाद से मुलाकात कर परियोजना की सीधी और सख्त मॉनिटरिंग की मांग उठाई। समिति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद भी मेट्रो विस्तार अब तक केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित है, जबकि लोनी की जनता रोज़ाना जाम, अव्यवस्थित परिवहन और बढ़ते यातायात दबाव से जूझ रही है।
संघर्ष समिति के संयोजक विनोद कुमार और सहसंयोजक हाजी सरफराज अहमद ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि दिल्ली मेट्रो द्वारा शिव विहार मेट्रो स्टेशन से मंडौला विहार, गाजियाबाद जनपद सीमा तक मेट्रो विस्तार को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। इसके बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण स्तर पर आवास विकास परिषद, यूपीसीडा, नगर निगम और विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ सर्वे को लेकर बैठकें भी हुईं, लेकिन महीनों बाद भी परियोजना की प्रगति शून्य बनी हुई है।
समिति ने आरोप लगाया कि विभागीय खींचतान और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में लोनी मेट्रो विस्तार जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। दिल्ली से सटे होने के बावजूद लोनी को बुनियादी परिवहन सुविधाओं से वंचित रखा जाना क्षेत्रीय असमानता को उजागर करता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि लोनी की आबादी लाखों में पहुंच चुकी है, औद्योगिक इकाइयों और श्रमिक वर्ग की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार और संबंधित एजेंसियां इस दबाव को अनदेखा कर रही हैं। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि परियोजना की नियमित समीक्षा, स्पष्ट टाइमलाइन और जिम्मेदारी तय नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
समिति ने मांग की कि जिलाधिकारी स्वयं लोनी मेट्रो विस्तार की मॉनिटरिंग करें, सभी संबंधित विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक बुलाएं और मेट्रो सर्वे तथा डीपीआर प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए।
जिलाधिकारी ने ज्ञापन पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, हालांकि समिति ने यह साफ कर दिया कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और जनता परिणाम चाहती है।
मुलाकात के दौरान लोनी तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जे.पी. शर्मा और सचिव विजय आनंद भी उपस्थित रहे।
