रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी
अंधविश्वास की आड़ में ठगी: ‘पत्तों में भगवान दिखाने’ के बहाने महिला से जेवर और मोबाइल लूटे
क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े वारदात, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा; कई टीमें गठित
गाजियाबाद । थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में अंधविश्वास का सहारा लेकर ठगी और लूट की सनसनीखेज घटना सामने आई है। एचपी पेट्रोल पंप के सामने एसोटेक अपार्टमेंट के पास दो अज्ञात व्यक्तियों ने एक महिला को बहला-फुसलाकर उसका मंगलसूत्र, मोबाइल फोन और कानों के कुंडल लेकर फरार हो गए। घटना से क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है।
एड्रेस पूछने से शुरू हुई बातचीत, ‘भगवान दिखाने’ का जाल
वादी द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, उनकी माँ के पास दो व्यक्ति पहुंचे जिनकी उम्र लगभग 35 और 45 वर्ष बताई जा रही है। आरोपियों ने पहले एड्रेस पूछने के बहाने बातचीत शुरू की। इसके बाद पत्तों को हाथ में लेकर उनमें भगवान दिखाने की बात कही और दावा किया कि यदि पत्तों में भगवान दिखाई दे गए तो घर की सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी।
इन्हीं बातों में महिला को उलझाकर और मानसिक रूप से भ्रमित कर आरोपियों ने उसका मंगलसूत्र, मोबाइल फोन और कानों के कुंडल उतरवा लिए और मौके से फरार हो गए।
तहरीर के आधार पर मुकदमा, पुलिस जांच तेज
घटना की सूचना मिलने पर थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया। तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले के खुलासे के लिए कई टीमों का गठन कर दिया है।
सीसीटीवी और पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही इस तरह की ठगी की पुरानी घटनाओं के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए शातिर गिरोह की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
पुलिस की अपील: अंधविश्वास और अनजान लोगों से रहें सतर्क
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि इस तरह के अंधविश्वास फैलाने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर अपने जेवर या कीमती सामान न दें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
जल्द होगा खुलासा: एसीपी वेव सिटी
इस संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त वेव सिटी श्रीमती प्रियाश्री पाल ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। कई टीमें गठित कर दी गई हैं और शीघ्र ही घटना का अनावरण कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आधुनिक शहरी इलाकों में भी अंधविश्वास के सहारे अपराधी किस तरह लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक सतर्कता ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगा सकती है।