जन वाणी न्यूज़
निर्माण जारी रहने से भड़का विवाद: डंपिंग ग्राउंड में घुसे किसान, पुलिस से झड़प
महिलाओं से जोर-जबरदस्ती के आरोप, लाठीचार्ज में बुजुर्ग महिला समेत कई घायल
लोनी, गाजियाबाद | 15 फरवरी 2026 – मीरपुर हिंदू गांव में प्रस्तावित वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (डंपिंग ग्राउंड) को लेकर किसानों का विरोध अब टकराव में बदल गया है। रविवार दोपहर करीब 2:00 बजे सैकड़ों किसान डंपिंग ग्राउंड की चार दिवारी के अंदर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस और किसानों के बीच तीखी झड़प हो गई।
शिव मंदिर से तहसील तक, फिर वापस गांव — धरने का पूरा घटनाक्रम
किसान शुरुआत में गांव के शिव मंदिर पर शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। बाद में उन्होंने अपना आंदोलन लोनी तहसील के गेट पर शिफ्ट कर दिया, जहां अनिश्चितकालीन दिन-रात धरना शुरू हुआ।
आरोप है कि एसडीएम ने तहसील गेट से धरना हटवाने का प्रयास किया, जिससे किसान आक्रोशित हो गए। स्थिति बिगड़ती देख निगम आयुक्त किसानों के बीच पहुंचे और कहा कि धरने से सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए आंदोलन को तहसील से हटाकर फिर शिव मंदिर पर किया जाए।
किसानों और निगम आयुक्त के बीच हुई वार्ता में सहमति बनी कि किसान तहसील से धरना हटाकर शिव मंदिर पर ले जाएंगे। किसानों का कहना है कि इस बातचीत में यह भी तय हुआ था कि जब तक वार्ता से कोई समाधान नहीं निकलता, तब तक डंपिंग ग्राउंड स्थल पर निर्माण कार्य नहीं होगा।
“वायदा टूटा तो बढ़ा आक्रोश”
किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने निर्माण कार्य नहीं रोका। इसी से नाराज होकर किसान शिव मंदिर से सीधे डंपिंग ग्राउंड स्थल पर पहुंचे और चार दिवारी के अंदर शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए।
“हम शांतिपूर्वक बैठे थे, लेकिन पुलिस ने हमें वहां से हटाने का प्रयास किया,” किसानों के प्रतिनिधियों ने कहा।
महिलाओं से कथित जोर-जबरदस्ती के बाद भड़का तनाव
किसानों का आरोप है कि धरना हटाने के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को जबरन उठाने की कोशिश की और उन पर लाठियां चलाईं। इसी के बाद किसानों का आक्रोश भड़क गया और स्थिति झड़प में बदल गई।
पचारा गांव निवासी 75 वर्षीय महिला किसान रेशमा पत्नी फुदन गंभीर रूप से घायल बताई जा रही हैं। उन्हें पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। किसानों के अनुसार, लाठीचार्ज में दर्जनभर से अधिक लोग घायल हुए हैं।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि एक दर्जन से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस का पक्ष
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि थाना ट्रोनिका सिटी क्षेत्रान्तर्गत कुछ लोगों द्वारा डंपिंग ग्राउंड में सरकारी कार्य में बाधा डालकर डंपिंग ग्राउंड का गेट तोड़ने का प्रयास किया गया जिसमें तत्काल मौके पर पुलिस द्वारा उनको रोका गया । एक महिला के संबंध में मिथ्या अफवाह फैलायी गई है । उक्त संबंध में वीडियो संलग्न है।**थाना ट्रोनिका सिटी क्षेत्रान्तर्गत कुछ लोगों द्वारा डंपिंग ग्राउंड में सरकारी कार्य में बाधा डालकर डंपिंग ग्राउंड का गेट तोड़ने का प्रयास किया गया जिसमें तत्काल मौके पर पुलिस द्वारा उनको रोका गया । एक महिला के संबंध में मिथ्या अफवाह फैलायी गई है ।
अड़े किसान, भारी पुलिस बल तैनात
किसान अब भी डंपिंग ग्राउंड स्थल के अंदर डटे हुए हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक निर्माण कार्य पूरी तरह बंद नहीं किया जाता, वे वहां से नहीं हटेंगे और अपनी भूमि पर डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने देंगे।
मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और वार्ता की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
