जन वाणी न्यूज़
चाइनीज माँझा बना जानलेवा: उत्तर प्रदेश में सख्त चेतावनी
प्रतिबंधित पतंग डोरी के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह रोक; एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश की जनता और व्यापारियों से अपील
रविन्द्र बंसल वरिष्ठ संवाददाता / जन वाणी
लखनऊ/गाजियाबाद।
पतंगबाजी के मौसम में तेजी से बढ़ते चाइनीज माँझे और सिंथेटिक शीशा चढ़ी नायलॉन डोरी के उपयोग को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने गंभीर चेतावनी जारी की है। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) Amitabh Yash ने स्पष्ट कहा है कि चाइनीज माँझा, सिंथेटिक व शीशा चढ़ी नायलॉन पतंग डोरी मानव जीवन तथा पशु-पक्षियों के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो रही है, इसलिए प्रदेश में इसके निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है और इसके विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों से अपील की है कि प्रतिबंधित माँझे का किसी भी रूप में निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री न करें। साथ ही आमजन से भी अनुरोध किया गया है कि इस प्रकार के खतरनाक माँझे का प्रयोग बिल्कुल न करें और यदि कहीं इसके निर्माण, बिक्री या उपयोग की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस, नजदीकी थाने या UP-112 को सूचित करें।
इंसानों के लिए भी बन रहा घातक जाल
विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार चाइनीज माँझा अत्यधिक मजबूत सिंथेटिक सामग्री और शीशे की परत से तैयार किया जाता है। इसकी धार इतनी तेज होती है कि बाइक सवारों, राहगीरों और बच्चों तक की गर्दन या हाथ गंभीर रूप से कटने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में यह डोरी चलते वाहनों के सामने आकर दुर्घटना का कारण भी बनती है।
राज्य में समय-समय पर ऐसे हादसों में लोगों की जान जाने और गंभीर रूप से घायल होने की घटनाओं ने प्रशासन को सख्ती के लिए मजबूर किया है।
पक्षियों और पशुओं पर भी भारी खतरा
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि चाइनीज माँझा सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि पक्षियों और जानवरों के लिए भी बेहद खतरनाक है। उड़ते हुए पक्षी अक्सर इस डोरी में फंस जाते हैं, जिससे उनके पंख कट जाते हैं या वे गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। कई बार पक्षियों की मौत तक हो जाती है।
इसी कारण पर्यावरण और पशु संरक्षण से जुड़े संगठनों ने भी लंबे समय से ऐसे माँझे पर सख्त प्रतिबंध की मांग की थी।
कानून के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रतिबंधित माँझे के निर्माण, भंडारण या बिक्री करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में विभिन्न दंडात्मक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर माल जब्त किया जा सकता है और दोषियों को जेल भी भेजा जा सकता है।
प्रदेश पुलिस का कहना है कि त्योहारों और पतंगबाजी के मौसम में विशेष अभियान चलाकर बाजारों, गोदामों और दुकानों की जांच की जाएगी ताकि प्रतिबंधित माँझे की आपूर्ति को पूरी तरह रोका जा सके।
व्यापारियों और जनता से सहयोग की अपील
एडीजी कानून-व्यवस्था ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि जनसुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा विषय है। इसलिए इसमें व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों का सहयोग बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित और पारंपरिक सूती धागे से बनी पतंग डोरी का ही उपयोग किया जाए ताकि किसी की जान या प्रकृति को नुकसान न पहुंचे।
सतर्कता ही सुरक्षा
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में चाइनीज माँझे का निर्माण, भंडारण, बिक्री या प्रयोग होता दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी से ही इस खतरनाक माँझे के उपयोग को पूरी तरह रोका जा सकता है और संभावित हादसों को टाला जा सकता है।
(जनसुरक्षा के मद्देनज़र जारी यह अपील पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है और पुलिस द्वारा इस संबंध में लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।)
