जन वाणी न्यूज़
दिनदहाड़े गोलियों से छलनी: मुख्तार गैंग के शूटर शोएब उर्फ बॉबी की सनसनीखेज हत्या

अयोध्या हाईवे पर घेरकर बरसाईं 10–15 गोलियां, गैंगवार और पुरानी रंजिश के एंगल पर जांच
वरिष्ठ संवाददाता रविंद्र बंसल / जन वाणी न्यूज़
बाराबंकी । उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शुक्रवार दोपहर अपराध की दुनिया से जुड़ा एक बड़ा नाम सरेआम गोलियों का निशाना बन गया। माफिया नेटवर्क से जुड़े बताए जाने वाले शूटर शोएब किदवई उर्फ बॉबी की अज्ञात हमलावरों ने अयोध्या हाईवे पर असैनी मोड़ के पास गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात इतनी दुस्साहसिक थी कि हमलावरों ने करीब 10 मिनट तक लगातार फायरिंग की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
कैसे हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, शोएब अपनी कार से लखनऊ से बाराबंकी लौट रहा था। तभी बाइक सवार बदमाशों ने उसके वाहन को रोककर नजदीक से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं और गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि हमले में करीब 15 राउंड फायरिंग की गई और हमलावर घटना के बाद फरार हो गए।
पुलिस का प्रमाणिक वर्जन
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के मुताबिक प्रारंभिक जांच में हमला सुनियोजित प्रतीत होता है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, आसपास के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि हत्या के पीछे गैंगवार या आंतरिक रंजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता और इस एंगल पर गंभीरता से जांच चल रही है।
कौन था शोएब उर्फ बॉबी
शोएब किदवई उर्फ बॉबी को एक हिस्ट्रीशीटर बताया गया है, जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और गैंग से जुड़े कई मुकदमे दर्ज थे।
उसका नाम चर्चित लखनऊ जेलर आर.के. तिवारी हत्याकांड में भी आरोपी के रूप में सामने आया था।
वह लंबे समय से कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती माना जाता रहा।
गैंग नेटवर्क से जुड़ाव
शोएब को पूर्व बाहुबली और संगठित अपराध जगत के बड़े नाम मुख्तार अंसारी के गिरोह से जुड़ा बताया जाता था। पुलिस रिकॉर्ड में वह इस आपराधिक नेटवर्क का सक्रिय सदस्य माना गया है।
बताया जाता है कि इस नेटवर्क का प्रभाव वर्षों तक पूर्वांचल और आसपास के इलाकों में रहा और कई गंभीर मामलों में इसका नाम सामने आया।
कई एंगल पर जांच
जांच एजेंसियां फिलहाल इन संभावित कारणों पर फोकस कर रही हैं—
गैंगवार और वर्चस्व की लड़ाई
पुरानी आपराधिक रंजिश
नेटवर्क के भीतर टकराव
प्रारंभिक सूचनाएं इन पहलुओं की ओर इशारा कर रही हैं, हालांकि पुलिस ने अभी किसी ठोस निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
दहशत और सुरक्षा सख्त
घटना के बाद पूरे जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
दिनदहाड़े हाईवे पर हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक स्थान पर इतने लंबे समय तक चली फायरिंग से यह स्पष्ट है कि हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी तैयारी की थी।
निष्कर्ष
शोएब उर्फ बॉबी की हत्या सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि प्रदेश में सक्रिय पुराने गैंग नेटवर्क की छाया का संकेत भी मानी जा रही है। पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती है—हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी और यह स्पष्ट करना कि यह गैंगवार थी, बदले की कार्रवाई या संगठित अपराध का नया अध्याय।
