सत्ता के संरक्षण में दरिंदगी : रामपुरबघेलान में महिला की अस्मिता रौंदे जाने का आरोप

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रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़

सत्ता के संरक्षण में दरिंदगी : रामपुरबघेलान में महिला की अस्मिता रौंदे जाने का आरोप

वायरल वीडियो ने उजागर की गाली, धमकी और हैवानियत, पुलिस जांच के घेरे में प्रभावशाली व्यक्ति

सतना।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुरबघेलान क्षेत्र से सामने आया यह मामला महिला सम्मान, कानून व्यवस्था और सत्ता की जवाबदेही — तीनों पर करारा प्रहार है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो उस घृणित मानसिकता को उजागर करता है, जिसमें एक महिला को न केवल गालियों से अपमानित किया जा रहा है, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।

वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस प्रशासन को संज्ञान लेकर कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा।

घटनाक्रम : भय, दबाव और शोषण के आरोपों की कड़ी

▪ डर और धमकी का खेल

पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, आरोपी ने पहले उसे भयभीत किया और अपने प्रभाव का हवाला देकर चुप रहने को मजबूर किया। महिला का आरोप है कि उसे लगातार धमकियां दी जाती रहीं।

▪ शारीरिक शोषण का गंभीर आरोप

महिला ने आरोप लगाया है कि जान से मारने की धमकी देकर आरोपी ने उसकी अस्मिता को रौंदा। विरोध करने पर उसे अपमानजनक शब्दों और सामाजिक बदनामी की धमकी दी गई।

▪ भद्दी गालियां और दादागिरी

वायरल वीडियो में आरोपी महिला को भद्दी-भद्दी गालियां देता हुआ और कानून को खुली चुनौती देता हुआ साफ दिखाई और सुनाई देता है। उसकी भाषा यह दर्शाती है कि उसे न कानून का भय है और न सामाजिक मर्यादा की कोई चिंता।

▪ वीडियो वायरल होने के बाद खुला मामला

जैसे ही वीडियो सार्वजनिक हुआ, मामला दबाया नहीं जा सका। जनाक्रोश भड़का और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

आरोपी की पहचान और पुलिस कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, महिला की शिकायत पर नगर परिषद की एक भाजपा पार्षद के पति अशोक सिंह के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ प्रारंभ कर दी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

वायरल वीडियो : कानून और प्रशासन को सीधी चुनौती

वीडियो में प्रयुक्त भाषा और धमकी भरे शब्द केवल महिला के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं। जिस बेखौफ अंदाज़ में महिला को डराया गया, वह सत्ता के नशे में पनपी बेशर्मी और बर्बरता का जीवंत प्रमाण है।

यह वीडियो इस बात का संकेत है कि प्रभावशाली लोगों के हाथों में कानून कितना असहाय हो सकता है — यदि समय रहते कार्रवाई न हो।

पुलिस का आधिकारिक बयान

इस पूरे मामले में सतना पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया

> “रामपुरबघेलान क्षेत्र से प्राप्त शिकायत एवं वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। महिला की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वीडियो सहित सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। दोष पाए जाने पर कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

 

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

 

प्रशासन का रुख : प्रभाव नहीं, केवल कानून

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की सामाजिक या राजनीतिक पहचान जांच को प्रभावित नहीं करेगी। कानून सभी के लिए समान है और जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है।

जनाक्रोश : महिला सुरक्षा पर गहरे सवाल

घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में गुस्सा और चिंता दोनों हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रभावशाली लोग इस तरह खुलेआम महिला को धमका सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

रामपुरबघेलान की यह घटना सत्ता के अहंकार, महिला विरोधी मानसिकता और कानून की अवहेलना का भयावह उदाहरण है। अब यह देखना शेष है कि जांच के बाद पीड़िता को न्याय मिलता है या नहीं।

फिलहाल मामला जांचाधीन है और पुलिस कार्रवाई जारी है।

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