जन वाणी न्यूज़
मोहब्बत का जाल, 4 साल का लिव-इन और फिर मौत: आगरा में सिपाही की करतूत से फैशन डिज़ाइनर ने दी जान
शादी का झांसा, आर्थिक शोषण और मारपीट के आरोप; शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने पर युवती ने बनाया 4 मिनट का वीडियो, फिर कर ली आत्महत्या
जन वाणी संवाददाता
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस विभाग के ही एक कर्मचारी पर प्रेमजाल में फंसाकर युवती का जीवन बर्बाद करने और अंततः उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगे हैं। कासगंज की रहने वाली एक फैशन डिज़ाइनर युवती ने कथित तौर पर ताजगंज थाने में तैनात सिपाही जे.बी. गौतम से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
बताया जा रहा है कि आरोपी सिपाही ने युवती को शादी का झांसा देकर करीब चार वर्षों तक लिव-इन रिलेशनशिप में रखा। इस दौरान वह युवती से पैसे भी लेता रहा और कई बार उसके साथ मारपीट करने के आरोप भी सामने आए हैं। जब युवती को यह एहसास हुआ कि सिपाही शादी करने से मुकर रहा है, तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने इस मामले में न्याय के लिए कई स्तरों पर गुहार लगाई और डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास सहित अन्य अधिकारियों के समक्ष भी शिकायत पहुंचाई, लेकिन आरोप है कि उसे कोई ठोस राहत नहीं मिली। लगातार मानसिक तनाव और निराशा के बीच युवती ने कथित तौर पर चार मिनट का एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपनी आपबीती बताई, और उसके बाद आत्महत्या कर ली।
मामला सामने आते ही हरकत में आई पुलिस
घटना के बाद मामला सार्वजनिक होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार, 12 मार्च 2026 की रात थाना सदर बाजार क्षेत्र में एक युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना कंट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही थाना सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और विधिक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अगले दिन मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर जंतर बाबू उर्फ जे.बी. गौतम को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
विभागीय कार्रवाई भी शुरू
पुलिस विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में व्यवस्था
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस तंत्र और शिकायत निस्तारण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पीड़िता की शिकायतों पर समय रहते गंभीरता से कार्रवाई की जाती, तो शायद एक युवती की जान बचाई जा सकती थी। अब पूरे मामले में यह भी जांच का विषय बन गया है कि पीड़िता की शिकायतों पर पहले क्या कार्रवाई हुई और किन स्तरों पर लापरवाही बरती गई।
यह घटना न केवल पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि यह भी बताती है कि व्यक्तिगत रिश्तों के विवाद जब शक्ति और पद के दुरुपयोग से जुड़ जाते हैं, तो उसके परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस पूरे प्रकरण में और कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।
