रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
शनिवार देर शाम बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, छह आईएएस अधिकारियों के तबादले
यमुना प्राधिकरण से मथुरा–फिरोजाबाद तक बदली प्रशासनिक कमान
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार देर शाम एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए छह आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस फेरबदल में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, नगर प्रशासन और प्रमुख विभागों से जुड़े पदों पर नई तैनातियाँ की गई हैं। सरकार के इस कदम को प्रशासनिक कसावट, विकास परियोजनाओं में गति और क्षेत्रीय संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में बदलाव
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र प्रताप को आगरा का कमिश्नर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब आगरा मंडल में शहरी विस्तार, पर्यटन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
मथुरा विकास प्राधिकरण की कमान बदली
मथुरा के मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर को फिरोजाबाद का नगर आयुक्त बनाए जाने के साथ ही फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष भी नियुक्त किया गया है। इससे फिरोजाबाद क्षेत्र में शहरी नियोजन और विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विवेक कुमार श्रीवास्तव को मथुरा की जिम्मेदारी
आयोग के उपसचिव विवेक कुमार श्रीवास्तव को मथुरा का मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। मथुरा जैसे धार्मिक व पर्यटन महत्व वाले जिले में यह नियुक्ति प्रशासनिक दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
यमुना प्राधिकरण में नई नियुक्ति
मथुरा की मुख्य विकास अधिकारी मनीषा मीणा को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। यह जिम्मेदारी औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गाजियाबाद से मथुरा तक प्रशासनिक बदलाव
गाजियाबाद की संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. पूजा गुप्ता को मथुरा का मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक अनुभव के आधार पर उनकी तैनाती को जिले के विकास कार्यों को गति देने से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रमुख सचिव स्तर पर अतिरिक्त जिम्मेदारी
प्रमुख सचिव, खाद्य एवं रसद तथा उपभोक्ता मामले विभाग रणवीर प्रसाद को वर्तमान पद के साथ आयुक्त, खाद्य एवं रसद, उत्तर प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली में समन्वय और निगरानी मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासनिक संदेश साफ
इस व्यापक फेरबदल से सरकार का संदेश स्पष्ट है कि विकास प्राधिकरणों, नगर प्रशासन और प्रमुख विभागों में परिणाम आधारित कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विकास परियोजनाओं की समीक्षा और कार्य निष्पादन में तेजी देखने को मिलेगी।
