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फर्जी मेडिकल इंश्योरेंस क्लेम का खेल बेनकाब, मुरादनगर पुलिस ने आरोपी महिला को दबोचा
जन वाणी संवाददाता
गाजियाबाद । मुरादनगर थाना क्षेत्र में मेडिकल इंश्योरेंस के नाम पर फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने सुनियोजित तरीके से किए जा रहे धोखाधड़ी के खेल का पर्दाफाश करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब 1 जनवरी 2026 को एक इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि ने शिकायत दर्ज कराई कि एक महिला द्वारा अस्पताल के साथ मिलीभगत कर आंख के इलाज के नाम पर फर्जी मेडिकल दस्तावेज तैयार कराए गए और उनके आधार पर इंश्योरेंस क्लेम हासिल करने की कोशिश की गई। शिकायत के आधार पर मुरादनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी महिला ने कथित रूप से एक निजी अस्पताल के साथ मिलकर इलाज के फर्जी कागजात तैयार कराए। इसके बाद इन दस्तावेजों को आधार बनाकर मेडिकल इंश्योरेंस से रकम निकालने के लिए आवेदन भी किया गया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 3 अप्रैल 2026 को आरोपी को मुरादनगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने इंश्योरेंस क्लेम हासिल करने के उद्देश्य से फर्जी मेडिकल दस्तावेज तैयार कराए थे। इस खुलासे के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है, क्योंकि इसमें अस्पताल की संभावित संलिप्तता भी जांच के दायरे में आ गई है।
पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि इस तरह के फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या यह कोई संगठित गिरोह है जो मेडिकल इंश्योरेंस कंपनियों को निशाना बना रहा है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है और उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
बड़ा सवाल यह है कि आखिर अस्पताल और इंश्योरेंस सिस्टम में ऐसी खामियां कैसे रह जाती हैं, जिनका फायदा उठाकर इस तरह के फर्जी क्लेम किए जाते हैं। अगर समय रहते इस पर सख्ती नहीं हुई, तो यह प्रवृत्ति पूरे स्वास्थ्य तंत्र और बीमा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर सकती है।
