पॉश वैशाली के 4-स्टार होटल में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट — फरार आरोपियों की तलाश तेज, बड़े चेहरों पर भी जांच की नजर

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जन वाणी न्यूज़ 

पॉश वैशाली के 4-स्टार होटल में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट — फरार आरोपियों की तलाश तेज, बड़े चेहरों पर भी जांच की नजर

 

मैनेजर समेत 3 जेल में, 11 महिलाओं का रेस्क्यू; ‘निर्दोष’ सहित 4 फरार — राजनीतिक कनेक्शन और कारोबारी लिंक की भी पड़ताल

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वरिष्ठ संवाददाता जन वाणी न्यूज़ 
गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर से सटे वैशाली के सेक्टर-3 स्थित महागुन मॉल के भीतर बने सरोवर पोर्टिको होटल में पकड़े गए हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट ने शहर की कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने होटल मैनेजर राहुल शर्मा, वेटर सुनील सिंह और अंकित चौहान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

छापेमारी के दौरान 21 से 31 वर्ष आयु वर्ग की 11 महिलाओं को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें कथित तौर पर नौकरी का झांसा देकर इस धंधे में धकेला गया था।

फरार आरोपियों के नाम खुले — ‘निर्दोष’ भी सूची में

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुमित, राहुल, निर्दोष

और अफजल नामक चार व्यक्ति इस रैकेट में कथित रूप से शामिल बताए गए हैं और फिलहाल फरार हैं।

कुछ रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि फरार आरोपी निर्दोष के एक राजनीतिक दल से संबंध होने की बात सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।

हालांकि अब तक किसी भी राजनीतिक दल या प्रभावशाली व्यक्ति की आधिकारिक संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।

डिजिटल सबूतों ने बढ़ाई जांच की दिशा

जांच में होटल मैनेजर के फोन से 500 से अधिक लड़कियों की तस्वीरें और 100 से ज्यादा ग्राहकों के नंबर मिलने की बात सामने आई है, जिससे संकेत मिलता है कि नेटवर्क काफी विस्तृत हो सकता है।

बताया गया है कि ग्राहकों से 15–20 हजार रुपये तक लिए जाते थे, जबकि महिलाओं को लगभग 5 हजार रुपये दिए जाते थे।

गिरोह कथित तौर पर व्हाट्सएप के जरिए फोटो भेजकर बुकिंग करता था और लग्जरी कमरों की आड़ में गतिविधियां चलती थीं।

क्या बड़े कारोबारी या सफेदपोश भी रडार पर?

रिपोर्टों के मुताबिक जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ बड़े बिजनेसमैन चेहरों का खुलासा हो सकता है, हालांकि यह प्रक्रिया अभी प्रारंभिक जांच का हिस्सा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल डेटा और ग्राहक सूची की फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नेटवर्क केवल होटल तक सीमित था या इससे कहीं बड़ा तंत्र सक्रिय था।

विदेशी कनेक्शन और संगठित नेटवर्क की आशंका

पूछताछ में यह भी सामने आया कि विदेशी महिलाओं के आने के संकेत मिले हैं और ऑनलाइन बुकिंग के जरिए कमरे लिए जाते थे।

यह तथ्य जांच को स्थानीय गिरोह से आगे संगठित या अंतरराज्यीय नेटवर्क की दिशा में भी ले जा सकता है।

नशीले पदार्थ भी बरामद

छापे में गांजा, हशीश और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिलने से मामला और गंभीर माना जा रहा है।

आरोपियों पर अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

शहर के पॉश इलाकों की सुरक्षा पर सवाल

वैशाली जैसे विकसित और उच्चवर्गीय इलाके में लंबे समय से इस तरह का रैकेट चलने की आशंका ने पुलिस की खुफिया व्यवस्था और होटल निगरानी प्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

जांच का अगला चरण — कौन-कौन आएगा रडार पर?

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता

डिजिटल डेटा की गहन जांच

संभावित राजनीतिक/व्यावसायिक लिंक की पड़ताल

होटल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल

अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका पर स्पष्ट टिप्पणी संभव होगी।

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