रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
लोनी में अवैध कब्जों पर सख्ती के दावे, शिकायतों की बाढ़ से प्रशासन पर उठे सवाल
पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कमेटी गठित, भूमाफियाओं के खिलाफ युद्धस्तर पर अभियान की घोषणा — लेकिन लगातार बढ़ती शिकायतें व्यवस्था की प्रभावशीलता पर खड़े कर रही प्रश्न
गाजियाबाद। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन के दौरान जमीनों पर अवैध कब्जों से जुड़ी शिकायतों में लगातार बढ़ोतरी सामने आई है। हालात को गंभीर मानते हुए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो विशेष रूप से लोनी क्षेत्र में सक्रिय भूमाफियाओं और कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
जनसुनवाई में राजस्व, विद्युत, स्वास्थ्य और निर्माण विभाग से जुड़े अनेक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, लेकिन सबसे अधिक शिकायतें अवैध भूमि कब्जों की रहीं। आईजीआरएस पोर्टल पर भी ऐसे मामलों की लगातार एंट्री से स्पष्ट है कि समस्या जमीनी स्तर पर गहरी होती जा रही है।
कमेटी करेगी कार्रवाई, कई अधिकारी शामिल
गठित कमेटी में एडीएम (एल/ए), एसडीएम लोनी, एसीपी लोनी, एसीपी अंकुर विहार और एसीपी वेवसिटी को शामिल किया गया है। संयुक्त टीम को निर्देश दिए गए हैं कि पुलिस और राजस्व विभाग मौके पर पहुंचकर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
“भूमाफियाओं को पनपने नहीं दिया जाएगा”
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि भूमि कब्जाने वालों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा। अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों के प्रभावी समाधान के निर्देश भी दिए गए हैं।
दावों और हकीकत के बीच फंसा लोनी
हालांकि सख्ती के ये दावे नए नहीं हैं। लोनी क्षेत्र से आए दिन अवैध कब्जों की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि अब तक भूमाफियाओं पर प्रभावी लगाम क्यों नहीं लग सकी। स्थानीय स्तर पर अक्सर यह आरोप भी सुनने को मिलता है कि कार्रवाई की गति धीमी होने से कब्जाधारी बेखौफ नजर आते हैं।
नई कमेटी से उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब जमीन पर बदलाव दिखाई दे।
जन शिकायतों के निस्तारण पर जोर
जनता दर्शन में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान प्राथमिकता पर किया जाए। जमीन से जुड़े विवादों में संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर तय समय में निस्तारण कराने की बात कही गई।
विरासत आधारित शस्त्र लाइसेंस भी स्वीकृत
विरासत के आधार पर जिन शस्त्र लाइसेंस आवेदनों की पुलिस और तहसील जांच पूरी हो चुकी थी, उन्हें स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। आवेदकों को किसी भी कार्यदिवस में कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र अनुभाग से संपर्क करने को कहा गया है। लाइसेंस से जुड़े मामलों में शिकायत होने पर संबंधित अधिकारी से संपर्क करने की व्यवस्था भी बताई गई है।
जनसुनवाई के दौरान एडीएम सिटी, एडीएम एफ/आर, एडीएम ई, एडीएम जे और जिला सूचना अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष:
लोनी में अवैध कब्जों का मुद्दा अब प्रशासन की प्राथमिकता में जरूर दिखाई दे रहा है, लेकिन लगातार बढ़ती शिकायतें संकेत दे रही हैं कि केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस और निरंतर कार्रवाई से ही भूमाफिया तंत्र पर अंकुश लग पाएगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि गठित कमेटी कागजों से निकलकर जमीन पर कितनी सख्ती दिखा पाती है।
