रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
मेरठ नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को बहसूमा पुलिस ने किया गिरफ्तार
पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में वांछित अभियुक्त अनुज दबोचा गया, पीड़िता को नशीला पदार्थ पिलाकर अपराध का आरोप
मेरठ । थाना बहसूमा क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पोक्सो एक्ट में वांछित मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। मामला न केवल जघन्य अपराध से जुड़ा है, बल्कि पीड़ित परिवार को धमकाने के आरोप भी इसमें शामिल हैं, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ जाती है।
रात्रि में बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, वादी द्वारा थाना बहसूमा में दी गई लिखित तहरीर में आरोप लगाया गया कि 25/26 जनवरी 2026 की रात्रि को अभियुक्त अनुज पुत्र ओमवीर ने वादी की लगभग 14 वर्षीय बहन को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोप है कि किशोरी को नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया गया।
शिकायत पर परिवार को दी गई धमकी
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया कि जब वादी ने अभियुक्त के घर जाकर इस घटना की शिकायत की, तो अभियुक्त के पिता, भाई और माता ने गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और गंभीर बना दिया।
पोक्सो सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना बहसूमा में मुकदमा संख्या 020/2026 दर्ज किया गया। अभियुक्तों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 137(2), 65(1), 123, 352, 351(2) तथा पोक्सो एक्ट की धारा 3/4(2) के तहत मामला पंजीकृत किया गया। प्रकरण में मुख्य अभियुक्त अनुज के साथ अन्य परिजनों को भी नामजद किया गया है।
अभियान के तहत गिरफ्तारी
जनपद में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी मवाना के पर्यवेक्षण में थाना बहसूमा पुलिस ने कार्रवाई की। मुखबिर खास की सूचना पर अभियुक्त अनुज को ग्राम महमूदपुर सिखेड़ा से गिरफ्तार किया गया।
न्यायालय में पेशी की तैयारी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करते हुए उसे समय से माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले की विवेचना प्रचलित है और अन्य नामजद अभियुक्तों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
संवेदनशील मामलों में सख्ती का संदेश
यह कार्रवाई नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों को लेकर पुलिस की सख्त नीति का संकेत देती है। पोक्सो एक्ट जैसे कठोर कानूनों के तहत त्वरित गिरफ्तारी से यह संदेश जाता है कि इस तरह के अपराधों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
