रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
ऑनलाइन अश्लीलता के अड्डे पर पुलिस का छापा, संगठित रैकेट बेनकाब
क्रॉसिंग रिपब्लिक के फ्लैट से छह महिलाएं और सरगना गिरफ्तार, युवाओं के भविष्य से हो रहा था खतरनाक खिलवाड़
गाजियाबाद । क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑनलाइन अश्लील गतिविधियों के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश कर समाज और कानून—दोनों के लिए बड़ा संदेश दिया है। युवाओं को त्वरित कमाई के लालच में अपराध की दलदल में धकेलने वाले इस रैकेट पर पुलिस की कार्रवाई को सराहनीय और समयोचित माना जा रहा है।
फ्लैट बना था मिनी स्टूडियो, कैमरों के सामने चल रहा था गंदा खेल
पुलिस छापेमारी में एक फ्लैट से छह महिलाओं और गिरोह के सरगना हरिओम पांडेय को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि फ्लैट को बाकायदा ऑनलाइन अश्लील गतिविधियों के लिए मिनी स्टूडियो में तब्दील किया गया था। लैपटॉप, कंप्यूटर, वेबकैम और हाई-स्पीड इंटरनेट के जरिए यह अवैध धंधा संचालित हो रहा था।
फर्जी आईडी की आड़ में अश्लीलता, पॉइंट्स से होती थी मोटी कमाई
पुलिस के अनुसार आरोपी महिलाएं अपनी असली पहचान छुपाकर फर्जी आईडी और पासवर्ड से ऑनलाइन स्ट्रिप चैट साइट्स से जुड़ती थीं। यूजर्स की मांग पर वीडियो कॉल के माध्यम से अश्लील बातचीत और अंग प्रदर्शन किया जाता था। इसके बदले साइट से मिलने वाले पॉइंट्स को बाद में नकद में बदला जाता था।
20–25 हजार की सैलरी पर ‘नियुक्त’ की गई थीं महिलाएं
चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि गिरोह में शामिल कुछ महिलाओं को 20 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन पर रखकर इस अनैतिक काम में लगाया गया था। इससे साफ है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि पूरी तरह संगठित और योजनाबद्ध अपराध था।
आसान पैसे का जाल, युवाओं के भविष्य पर गहरा खतरा
यह रैकेट केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि युवाओं के नैतिक, मानसिक और सामाजिक भविष्य से सीधा खिलवाड़ था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की ऑनलाइन गतिविधियां युवा पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाकर अपराध का आदी बना देती हैं।
गोपनीय सूचना पर सटीक छापा, भागने की कोशिश नाकाम
एसीपी वेब सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने छापा मारा तो छह महिलाएं कैमरे के सामने ऑनलाइन साइट पर सक्रिय मिलीं। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन टीम की मुस्तैदी से सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
आईटी एक्ट व बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज
पूछताछ में सरगना हरिओम पांडेय ने स्वीकार किया कि गिरोह की पूरी कमाई ऑनलाइन साइट से मिलने वाले पॉइंट्स पर आधारित थी। पुलिस ने थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक पर मु0अ0सं0 013/2026 धारा 294 बीएनएस व धारा 66डी/67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बड़े नेटवर्क की आशंका, डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अवैध धंधा कब से चल रहा था और इसके तार किन-किन शहरों या राज्यों से जुड़े हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच से बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई सराहनीय, अपराधियों को सख्त संदेश
इस पूरे मामले में क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस की तत्परता और सख्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन अपराध भी पुलिस की नजर से नहीं बच सकते। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की यह कार्रवाई समाज के लिए चेतावनी और भरोसे—दोनों का संदेश है।
