रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
रोहतास ग्रुप पर ED का बड़ा शिकंजा
निवेशकों से अरबों की ठगी के आरोप में 350 करोड़ की 77 संपत्तियां जब्त
लखनऊ । प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रोहतास ग्रुप के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए करीब 350 करोड़ रुपये मूल्य की 77 अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई निवेशकों से अरबों रुपये की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों के तहत की गई है।
158 करोड़ में खरीदी गई संपत्तियां, बाजार कीमत 350 करोड़ से अधिक
ED की जांच में सामने आया है कि जिन संपत्तियों को जब्त किया गया है, उन्हें करीब 158.85 करोड़ रुपये में खरीदा गया था, लेकिन मौजूदा बाजार मूल्य 350 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। यह अंतर अवैध रूप से अर्जित धन के रियल एस्टेट में निवेश की ओर स्पष्ट इशारा करता है।
संचालक दीपक रस्तोगी और सहयोगी कंपनियां जांच के दायरे में
जांच एजेंसी के अनुसार, जब्त की गई अधिकांश संपत्तियां रोहतास ग्रुप के संचालक दीपक रस्तोगी के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा कई संपत्तियां समूह से जुड़ी सहयोगी कंपनियों के नाम पर भी पाई गईं।
वर्धन टाउनशिप, अध्याय रियल्टी और अन्य संबद्ध फर्मों के नाम पर दर्ज अचल संपत्तियां भी इस कार्रवाई की जद में आई हैं।
बेनामीदारों के नाम पर कराया गया था रजिस्ट्रेशन
ED की पड़ताल में यह भी उजागर हुआ है कि कई संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन बेनामीदारों के नाम कराया गया था, ताकि ठगी से अर्जित धन के स्रोत को छिपाया जा सके। यह मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
हाईनेस इंफ्रा डेवलपर्स की 17.64 करोड़ की संपत्ति भी जब्त
कार्रवाई के दौरान हाईनेस इंफ्रा डेवलपर्स के नाम दर्ज 17.64 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। सभी जब्त की गई अचल संपत्तियां लखनऊ शहर में स्थित बताई जा रही हैं।
पहले भी हो चुकी है 110 करोड़ की संपत्तियों की जब्ती
ED इससे पहले भी इस मामले में 110 करोड़ रुपये मूल्य की 68 संपत्तियों को जब्त कर चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद रोहतास ग्रुप से जुड़ी जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य और संख्या दोनों ही काफी बढ़ गए हैं।
83 FIR के आधार पर दर्ज हुआ मनी लॉन्ड्रिंग केस
बताया गया है कि रोहतास ग्रुप के खिलाफ देश के विभिन्न थानों में दर्ज 83 FIR के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि समूह ने निवेश के नाम पर आम लोगों को झांसे में लेकर भारी धनराशि एकत्र की और उसे रियल एस्टेट व अन्य माध्यमों से खपाया।
जांच जारी, और भी खुलासों की संभावना
ED अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जांच का हिस्सा है और आने वाले दिनों में और संपत्तियों की कुर्की तथा गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले ने प्रदेश में निवेशकों की सुरक्षा और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
